कक्षा संसाधन

भारती प‍ंडित

सीमा वाही मुखर्जी

उत्तर है - कहानी सुनाकर! और इस लेख का उद्देश्य यह दिखाना है कि कैसे कहानी के माध्यम से प्राथमिक शाला में गणित के मापन के विषयों को सार्थक और प्रासंगिक बनाया जा सकता है।

अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन के ब्‍लाक एक्‍टविटी सेंटर,पीपलू,टोंक ने जयकिशनपुरा के एक स्‍कूल में एक बाल मेले का अायोजन किया। इस मेले में गणित,विज्ञान तथा अन्‍य विषयों को केन्‍द्र में रखकर विभिन्‍न गतिविधियॉं की। बच्‍चों ने इनमें बढ़-चढ़कर भाग लिया। आयोजको ने इसमें शामिल शिक्षकों से भी बात की और मेले के बारे में उनकी राय जानी।

आप भी इस वीडियो को द‍ेखिए। संभव है,इसे देखकर आपको भी कुछ नए विचार सूझें।

महेश झरबड़े

बच्‍चों में अपने परिवेश का अवलोकन एवं उसके बारे में लिखने की क्षमता बढ़ाने के लिए इस तरह के प्रयास भी किए जा सकते हैं। उत्‍तराखण्‍ड के एक अखबार अक्‍कड़-बक्‍कड़ ने यह अनोखा प्रयास किया है। नीचे दिया अखबार का यह पन्‍ना विभिन्‍न स्‍कूलों में बँटवाया गया।

विद्युत् धारा के चुम्बकीय प्रभाव की खोज ओरेस्टेड ने की थी। जब भी किसी धारावाही चालक को चुम्बकीय क्षेत्र में रखा जाता है तो उसके आस-पास चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न हो जाता है।एक 9 v बैटरी,चुम्बकीय सुई,कनेक्शन वायर चाहिए बस।अगर धारा का प्रभावी प्रदर्शन करना चाहते है तो परिपथ अनुसार एक बल्ब भी लगा दीजिये।प्रस्तुत वीडियो में चुम्बकीय सुई के एक खास दिशा में घूमने सम्‍बन्‍धी एम्पियर के नियम को भी सरल तरीके से बताने का प्रयास किया है।

एक पॉंच साल का बच्‍चा जब विज्ञान का प्रयोग करता है, तो न केवल वह उसे समझता है, बल्कि साथ में उसे औरों को भी समझाता है। ऐसा ही एक मजेदार वीडियो।

जल सुचालक है, कुचालक है या फिर हीन चालक इस बात की जाँच हम आसुत जल ,एक 9v बैटरी,साधारण नमक ,कुछ कनेक्शन वायर ,एक प्लास्टिक का ढक्कन लेकर आसानी से सकते है। प्रस्तुत वीडियो में पहले आसुत जल से और फिर खनिज लवण युक्त साधारण जल में चालकता की जाँच की गई है|इस विधि से निम्बू रस अर्थात अम्ल,क्षार ,अल्कोहल तथा अन्य के जलीय विलयन की चालकता का अध्ययन भी कर सकते है। धातुओं की और अधातुओं की विद्युत चालकता का भी अध्यययन कर सकतें है।

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