कक्षा संसाधन

टूथपेस्‍ट ट्यूब या ऐसी ही किसी ट्यूब के खाली डिब्‍बे से आसानी से एक रेंगने वाला कीड़ा या कैटरपिलर बनाया जा सकता है। देखें कैेसे।

गणित और विज्ञान में डिजायन और पैटर्न शब्‍द का उपयोग होता है। लेकिन ये शब्‍द हैं क्‍या और इनका अर्थ क्‍या है, यह इस वीडियो में समझाने की कोशिश की गई है।

वर्धा के सेवाग्राम के अानन्‍द निकेतन स्‍कूल में नई तालीम की शिक्षा दी जाती है। उसमें खेती भी एक विषय है। लेकिन खेती को अन्‍य विषयों से कैसे जोड़ा जा सकता है,यह भी एक अभ्‍यास है।

यहाँ इसी स्‍कूल की एक पाँचवी कक्षा की पाठ्यपुस्‍तक का एक अध्‍याय 'मेथी की खेती' प्रस्‍तुत है। इस पाठ की पीडीएफ भी साथ है। उसे डाउनलोड किया जा सकता है।

 

बच्‍चों को अंकों से परिचित कराने का एक तरीका इस वीडियो में बताया गया है। हो सकता है आपको भी पसन्‍द आए। हालाँकि इस वीडियो में बच्‍चों का शिक्षिका को आँटी कहना कुछ जमा नहीं।

अंकगणितीय सोच और बीजगणितीय सोच क्‍या है और यह कैसे विकसित होती है, यह इस वीडियो में बहुत ही रोचक एवं सरल तरीके से समझाया गया है। इस वीडियो को तैयार करने वाले निदेश सोनी लम्‍बे समय तक मध्‍यप्रदेश की शैक्षणिक संस्‍था एकलव्‍य में कार्यरत रहे हैं।

किस्‍सा तब का है, जब मैं कक्षा 6 में गणित पढ़ाने जाता था।

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वायु जब गर्म होती है तो उसका प्रसार होता है। वायु जब ठण्‍डी होती है तो उसका संकुचन होता है। घरेलू उपलब्ध सामग्री तथा बहुत ही कम और सस्ती सामग्री से ये गतिविधि बच्चों को बताई जा सकती हैं। दो गुब्बारे,दो काँच के गिलास,दो ताप सहन कर सकने वाली परखनली और गर्म तथा ठण्‍डा पानी। पहले करके देखें, फिर बच्‍चों से करवाएँ।

गणित जितना कठिन लगता हे, उतना ही मजेदार भी है। अब यह इस पर निर्भर करता है कि उसका शिक्षण कैसे किया जाए। गणित को मजेदार ढंग से पढ़ने और समझने का पर्याप्‍त मौका है।  अरविंद गुप्‍ता की यह किताब ऐसे कई उदाहरणों से सजी हुई है।

शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करना लगभग पाँच वर्ष पहले शुरू किया था। शुरुआत में बहुत से ऐसे दस्तावेजों को पढ़ने का अवसर मिला जो शिक्षा के लक्ष्य, अर्थात शिक्षा से किस प्रकार के समाज की पैरवी की गई है, हमारा शिक्षण कैसे संवैधानिक मूल्यों को पिरो सकता है आदि पर आधारित थे। पर जब से स्कूल में बच्चों के साथ काम करना शुरू किया तब से एक स्पष्ट तस्वीर अपने दिमाग में बना पाता हूँ क्योंकि अब सिद्धान्‍त और व्यवहार में तालमेल स्पष्टतः बनता हुआ देख पाता हूँ। शिक्षण एवं शिक्षण प्रक्रियाओं के बारे में जितने भी दस्तावेज पढ़े वे इसी बात की पैरवी कर रहे

कहानी शिक्षण का एक महत्वपूर्ण अंग है। हम अगर ये कहें कि कहानी से पढ़ाना बहुत ही सरल हो जाता है तो गलत न होगा। परन्तु यहाँ सोचने वाली बात यह है कि कहानी को बच्चों तक कैसे पहुँचाया जाए? जिससे कहानी बच्चों को रोचक भी लगे और साथ ही साथ वो बिना बोझ के सीख भी पाएँ।

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