कक्षा संसाधन

रमाकान्त अग्निहोत्री

भारत के संविधान की उद्देशिका को मालवी लोक शैली के भजन के रूप में इस वीडियो में प्रस्‍तुत किया गया है। रोचक है। कक्षा में भी इसका उपयोग किया जा सकता है।

रमाकान्त अग्निहोत्री

रमाकान्त अग्निहोत्री

Ncert तथा सभी बोर्ड में कक्षा 10 में बच्चों को दिष्ट धारा मोटर तथा दिष्ट धारा जनित्र पढाया जाता है|बच्चों को उनके चित्र बनाने में बेहद कठिनाई का अनुभव होता है|वे उनके चित्रों में अंतर नहीं कर पाते|प्रस्तुत वीडियो में एनीमेशन के द्वारा न सिर्फ दिष्ट धारा जनित्र को बनाना बताया गया है बल्कि दिष्ट धारा मोटर बनाते समय उसमे कितना बदलाव करना है,यह भी बताया गया है|

गाँधी जी पर एक महत्‍वपूर्ण फिल्‍म ।

सत्रह हजार सत्रह सौ सत्रह को अंकों में कैसे लिख‍ेंगे ? पहले लिखकर देखिए। फिर निदेश सोनी के इस वीडियो में इस पहेली का हल भी मिलेगा। सामान्‍य सी लगने वाली यह पहेली, अपने में गहरी बात छिपाए हुए है।

हम सभी जानते हैं कि श्वसन सभी जीवों के लिए अतिआवश्यक प्रक्रिया है। जिसमें जीव गैसों का आदान-प्रदान करते हैं। प्राथमिक कक्षाओं में अधिकतर इसे सामान्य रूप से चर्चा करके और कुछ जानकारियों के रूप में बताकर छोड़ दिया जाता है। बच्चों को बता दिया जाता है कि मानव श्वसन के दौरान ऑक्‍सीजन लेते हैं और कार्बन डाई-ऑक्साइड छोड़ते हैं जबकि पौधे हमारे द्वारा छोड़ी गई कार्बन डाई-ऑक्साइड को ग्रहण करते हैं और ऑक्‍सीजन छोड़ते हैं। मैं भी बचपन में ऐसा बच्चा रहा हूँ, जिसे कक्षा में ज्यादा सवाल करने के मौके नहीं मिले थे। इसलिए हम गुरुजी की बात जैसी की तैसी मान लेते थे, चाहे वो इतिहास से जुड़ी हो या विज्ञान से। किन्तु जब से हमें सवाल करने के मौके मिले हैं तब से हर बात का कारण जानने के प्रति हमारी जागरूकता बढ़ी है। कक्षा में भी हम बच्चों को खूब सवाल पूछने और और उनका हल खोजने के प्रति प्रेरित करते रहते हैं। ठीक ऐसे ही स्वयं प्रयोग करके देखना भी बड़ी कक्षाओं में ही हो ऐसा जरूरी तो नहीं। पर्यावरण शिक्षक होने के नाते मैं अपनी हर कक्षा में बच्चों को स्वयं करके देखने का कोई मौका नहीं छोड़ता। और यदि वह प्रयोग उनके परिवेश और उपलब्ध संसाधनों से जुड़ा हुआ हो तो कहने ही क्या। कुछ ऐसा ही एक कक्षा कक्षीय अनुभव आपके साथ यहाँ साझा कर रहा हूँ।

अपनी बात की शुरुआत मैं कुछ बुनियादी बातों के साथ करना चाहूँगी। पहला, राजकीय कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय चिणाखोली में मेरे अलावा दो अन्य शिक्षक हैं। गणित और विज्ञान शिक्षक के रूप में मेरी तैनाती की गई है, परन्तु इसके अतिरिक्त अन्य विषय जैसे भाषा आदि भी मुझे देखने पड़ते हैं। एक शिक्षक के रूप में इन विषयों की तैयारी एवं अध्यापन एक कठिन प्रक्रिया के रूप में दिखाई देता है। समेकित कक्षा शिक्षण इसके लिए उपयोगी हो सकता है। दूसरा, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 यह सुझाव देती है कि शिक्षक अध्यापन कार्य करते समय बच्चे के परिवेश का खूब इस्तेमाल करे ए

गांधी जी जो कहते थे, वह करते भी थे। वे कथनी और करनी में कोई अन्‍तर नहीं करते थे। उनके जीवन के कुछ ऐसे ही प्रेरक किस्‍से।

कवि भास्‍कर चौधरी की आवाज में लेखन मंच की प्रस्‍तुति।

पृष्ठ

17934 registered users
6757 resources