सभी शिक्षा बोर्ड

यहाँ मुद्दा यह नहीं है कि बच्चे कैसे सीखते हैं ? मुद्दा यह है कि  “हम बच्चों को कैसे सिखाते हैं? क्योंकि जब हम शिक्षक इस मुद्दे पर शैक्षिक विद्वता दिखाने का एक पल भी कभी नहीं छोडते कि बच्चे कैसे सीखते हैं ? तो फिर हमारे लिए यह जानना और समझना भी उतना ही जरूरी हो जाता हैं कि हम बच्चों को कैसे सिखाते हैं ?

माया सभ्‍यता में किस प्रकार से संख्‍याओं को लिखा जाता था, और किन प्रतीकों का उपयोग किया जाता था। देखिये इस वीडियों में और हमारे साथ कुछ संख्‍याओं को लिखने के अभ्‍यास भी कीजिए।

विद्यालय की अवधारणा में बहुत सारी बातों, विचारों व प्रक्रियाओं को शामिल किया गया है। अक्सर उन पर शिक्षक समाज में हर अवसर पर बात करने के अवसर भी निकाले जाते रहे हैं। विद्यालय की संरचना को और ठोस रूप देने या यूँ कहा जाए, कि विद्यालय के आदर्श स्वरूप को परिभाषित करने को हर शिक्षक तत्पर भी दिखाई देता है क्योंकि शिक्षक तभी शिक्षक है जब विद्यालय है। नहीं तो शिक्षक का अपना कोई स्वरूप समाज में बनता दिखाई नहीं देता। एक समय था जब शिक्षक का स्वरूप समाज में अलग तरह का था। विद्यालय के भौतिक स्वरूप व संसाधनों का इतना महत्व नहीं था

भोपाल में शिक्षकों का रचनात्‍मक मैत्री समूह 'शिक्षक सन्‍दर्भ समूह' नाम से कार्यरत है। इस समूह ने 104 विभिन्‍न शिक्षकों की शैक्षिक यात्रा तथा उनके शैक्षिक अनुभवों को एकत्र किया है। इन्‍हें एड एट एक्‍शन तथा अन्‍य संस्‍थाओं की मदद से एक किताब का रूप दिया गया है। इसका नाम है 'शिक्षकों की शैक्षिक यात्रा'।

किताब की पीडीएफ यहाँ उपलब्‍ध है

 

उत्तल लेंस द्वारा उसके सम्मुख रखी वस्तु और उनके प्रतिबिम्बों की सामान्यत: 6 स्थितियां होती है|इनमें
(1) वस्तु अनंत पर स्थित हो
(2) वस्तु अनंत और 2 F के बीच हो
(3) वस्तु 2 F पर हो
(4) वस्तु 2 F और F के बीच हो
(5) वस्तु F पर हो
(6) वस्तु F और P अर्थात ध्रुव के बीच हो
इन सभी 6 स्थितियों में उत्तल लेंस द्वारा 6 अलग-अलग प्रकार से प्रतिबिम्ब बनते है|इन्हें समझने में बच्चों को काफी मुश्किल आती है|

त्रिपुरारी शर्मा वरिष्‍ठ रंगकर्मी हैं। वे नेशनल स्‍कूल ऑफ ड्रामा में प्राध्‍यापक हैं। उन्‍होंने बच्‍चों के लिए कई नाटकों का निर्देशन किया है। वे बच्‍चों के लिए कहानियाँ भी लिखती हैं। उनकी एक कहानी को रूमटूरीड ने चित्रकथा के रूप में प्रकाशित किया है। यह कहानी है भभो भैंस। इसकी पीडीएफ यहॉं से डाउनलोड की जा सकती है।

मनोहर चमोली  'मनु' शिक्षक हैं। उत्‍तराखण्‍ड के पहाड़ों में रहते हैं। वे बच्‍चों के लिए कहानियाँ भी लिखते हैं। छोटे बच्‍चों के लिए लिखी गई उनकी एक कहानी 'चलता पहाड़' को रूम टू रीड ने चित्रकथा के रूप में प्रकाशित किया है। उसकी पीडीएफ यहाँ से ली जा सकती है।

मुकेश मालवीय शिक्षक हैं। वे बच्‍चों के लिए कहानियाँ भी लिखते हैं। छोटे बच्‍चों के लिए लिखी गई उनकी एक कहानी को रूम टू रीड ने चित्रकथा के रूप में प्रकाशित किया है। उसकी पीडीएफ यहाँ से ली जा सकती है।

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