कक्षा 3 - 5

प्राथमिक कक्षाओं में भाषा शिक्षण में छोटी और सरस कविताओं का बहुत महत्‍व होता है। आमतौर पर शिक्षक जो कविताएँ पाठ्यपुस्‍तक में हैं, उन पर ही निर्भर रहते हैं। जरूरी है कि बच्‍चों को कुछ अन्‍य कविताओं से भी परिचित करवाया जाए।

ऐसी ही कविताओं के कुछ संकलन एकलव्‍य ने प्रकाशित किए हैं। ऐसा ही एक संग्रह है 'नई सवारी'। इसमें 14 कविताएँ हैं। ये कविताऍं चर्चित बालविज्ञान पत्रिका 'चकमक' से संग्रहित की गई हैं। आप भी इन कविताओं का उपयोग करके देखें।

रंजना सिंह

हिन्दी

मनोहर चमोली 'मनु'

अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन पौड़ी, उत्‍तराखण्‍ड के सभागार में 23 सितम्‍बर,2017 शनिवार की शाम ‘शिक्षण में कहानियों का सन्दर्भ’ पर चर्चा के नाम रही। प्रख्यात रंगकर्मी, संस्कृतिकर्मी, शिक्षा के अध्येता, बालमन के जानकार, छायाकार, फिल्म निर्माता और साहित्यकर्मी सुभाष रावत ने कहानियों के संदर्भ में बेहद कारगर और छुई-अनछुई बातों को रेखांकित किया।

बच्चों द्वारा लिखते समय की जाने वाली गलतियाँ अक्सर शिक्षकों के लिए भयानक चिन्‍ता का विषय होती हैं। ये गलतियाँ कई बार मात्राओं की होती हैं तो कई बार पूरा शब्द गलत लिखे जाने की।  

बहुत समय पहले एक घमंडी जनरल अपने घोड़े से गिरे। तब उन्‍होंने पहली बार,अपने आसपास की जमीन में उगे जंगली फूलों की सुन्‍दरता को देखा। उस दिन उन्‍होंने प्रण किया कि वो इस दुनिया को शांति और सुन्‍दरता से भरेंगे।

आज से पचास साल पहले जब शीत-युद्ध अपनी चरम सीमा पर था तब एक दम्‍पत्ति  (जेनेट चार्टरस  और माइकल फोरमेन) ने बच्‍चों के लिए एक नई तरह की किताब लिखी। इस किताब में युद्ध की गलतियों और पर्यावरण के नाश को उजागर किया गया था।

घण्‍टे,मिनट तथा सैकेण्‍ड, दिन,रात, माह,साल की अवधारणा के लिए गतिविधियाँ

समय की अवधारणा के शिक्षण के लिए कुछ गतिविधियाँ

7 से 9 साल की उम्र के बच्‍चों के लिए समय का शिक्षण : समय एक ऐसी अवधारणा है जो मानव द्वारा प्रतिदिन इस्‍तेमाल की जाती है और सम्‍भवत: जानवरों व पौधों के जीवन में भी सहज रूप से इसका इस्‍तेमाल होता है। मुर्गे को पता होता है कि उसे बाँग कब देनी है। फूलों को पता होता है कि उन्‍हें कब अपनी पंखुडि़याँ खोलनी हैं। पेड़ों को पता होता है कब अपने पत्‍ते झड़ाने हैं।

स्‍कूल आने से ठीक पहले एक महत्‍वपूर्ण घटक के रूप में समय की अवधारणा से बच्‍चों का सामना होता है।

5 से 7 वर्ष की उम्र के बच्‍चों के लिए समय का शिक्षण : एक ऐसी अवधारणा है जो मानव द्वारा प्रतिदिन इस्‍तेमाल की जाती है और सम्‍भवत: जानवरों व पौधों के जीवन में भी सहज रूप से इसका इस्‍तेमाल होता है। मुर्गे को पता होता है कि उसे बाँग कब देनी है। फूलों को पता होता है कि उन्‍हें कब अपनी पंखुडि़याँ खोलनी हैं। पेड़ों को पता होता है कब अपने पत्‍ते झड़ाने हैं।

स्‍कूल आने से ठीक पहले एक महत्‍वपूर्ण घटक के रूप में समय की अवधारणा से बच्‍चों का सामना होता है।

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