सामाजिक अध्‍ययन

हमारे देश की सबसे महत्‍वपूर्ण नदियों में से एक है गंगा। जो अपने उद्गम से निकलकर बंगाल की खाड़ी में गिरने से पहले 2800 किलोमीटर का लंबा सफर तय करती है। इस सफर के दौरान वह देश में कई नगरों को बसाती हुई जाती है। उसके किनारों पर हमारी संस्‍कृति और सभ्‍यता बसी हुई है।

एन.सी.ई.आर.टी. के सी.आई.ई.टी. विभाग ने गंगा की यात्रा पर दो भागों में एक डाक्‍युमेंटरी बनाई है। यह उच्‍चतर माध्‍यमिक कक्षाओं के लिए एक अच्‍छी स्रोत फिल्‍म है। यहॉं प्रस्‍तुत है उसका पहला भाग।

ऐसे ही अन्‍य फिल्‍मों के लिए आप epathshala.nic.in पर जा सकते हैं।

अर्थशास्‍त्र उच्‍चतर माध्‍यमिक कक्षाओं का एक प्रमुख विषय है। लेकिन इसे स्‍कूलों में क्‍यों और कैसे पढ़ाया जाए, यह सवाल हमेशा उठता रहता है।
एन.सी.ई.आर.टी. ने इसी बात को ध्‍यान में रखते हुए मार्च,2010 में ' स्‍कूलों में अर्थशास्‍त्र की शिक्षा : राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन' आयोजित करवाया था। इसमें विषय प्रवर्तन के लिए जो व्‍याख्‍यान दिया गया था, उसे थोड़ा विस्‍तारित करके एकलव्‍य ने इस पुस्तिका का प्रकाशन किया है।
निश्चित रूप से यह पुस्तिका अर्थशास्‍त्र के शिक्षकों को एक नई दृष्टि देगी।

डाॅ. हरिवंश राय बच्‍चन हिन्‍दी के जाने-माने कवि हुए हैं। 27 नवम्‍बर (1907) उनका जन्‍म दिन है। वे अपनी अमर कृति 'मधुशाला' के लिए जाने जाते हैं। पर उन्‍होंने ऐसा साहित्‍य भी रचा है जो बच्‍चों के लिए उपयोगी है। इस वीडियो में उनकी एक प्रसिद्ध कविता 'कोशिश करने वालों की हार नहीं होती, लहरों से डरकर नदिया पार नहीं होती' का पाठ है।

बच्‍चों के लिए उनकी दो और कविताएँ यहॉं हैं।

चिड़िया

26 जनवरी 1950 में भारतीय संविधान लागू हुआ था। 26 नवम्‍बर, 1949 में इसे संविधान सभा ने स्‍वीकार किया था।
यह वीडियो पिछले साठ साल की प्रगति की समीक्षा भी करता है।

निश्चित रूप से यह वीडियो हाईस्‍कूल विद्यार्थियों के लिए एक उपयोगी संसाधन है। 

भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 में लागू किया किया था। लेकिन संविधान सभा ने उसे 26 नवम्‍बर 1949 में स्‍वीकार किया था। संविधान देश के प्रत्‍येक नागरिक को बिना किसी भेदभाव के जीने के अधिकार देता है। संविधान स्‍त्री और पुरुष में कोई अन्‍तर नहीं करता।

फ़राह फ़ारूक़ी

राष्‍ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा प्रकाशित त्रैमासिक पत्रिका ‘प्राथमिक शिक्षक में प्रारम्भिक शिक्षा से सम्‍बन्धित विभिन्‍न पहलुओं  पर आधारित ऐसे लेख प्रकाशित किए जाते हैं जो एक शिक्षक के लिए उपयोगी हों। इस पत्रिका में कुछ महत्वपूर्ण सरोकार हैं –

राष्‍ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा प्रकाशित त्रैमासिक पत्रिका ‘प्राथमिक शिक्षक में प्रारम्भिक शिक्षा से सम्‍बन्धित विभिन्‍न पहलुओं  पर आधारित ऐसे लेख प्रकाशित किए जाते हैं जो एक शिक्षक के लिए उपयोगी हों। इस पत्रिका में कुछ महत्वपूर्ण सरोकार हैं –

बच्‍चा जिस भी समाज का हिस्‍सा होता है उससे उसका पहला परिचय परिवार के रूप में ही होता है। इस विषय के जरिए बच्‍चा अपने परिवार के सदस्‍यों, जो मिलकर परिवार बनाते हैं, को पहचानकर और उनके द्वारा निभाए जाने वाली विभिन्‍न भूमिकाओं को समझकर परिवार को अपने नज़दीकी परिवेश से जोड़ने और उससे सीखने में सक्षम बनेगा।

विजय पाल सिंह

सामाजिक विज्ञान शिक्षण पर कुछ विचार

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