सामाजिक अध्‍ययन

अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन के ब्‍लाक एक्‍टविटी सेंटर,पीपलू,टोंक ने जयकिशनपुरा के एक स्‍कूल में एक बाल मेले का अायोजन किया। इस मेले में गणित,विज्ञान तथा अन्‍य विषयों को केन्‍द्र में रखकर विभिन्‍न गतिविधियॉं की। बच्‍चों ने इनमें बढ़-चढ़कर भाग लिया। आयोजको ने इसमें शामिल शिक्षकों से भी बात की और मेले के बारे में उनकी राय जानी।

आप भी इस वीडियो को द‍ेखिए। संभव है,इसे देखकर आपको भी कुछ नए विचार सूझें।

शहीद भगतसिंह के जीवन पर जानेमाने जनविज्ञानी एवं संस्‍कृतिकर्मी गा़ैहर रज़ा ने एक फिल्‍म बनाई है। विद्यार्थियों को भगतसिंह तथा उनके साथियों के विचारों तथा स्‍वतंत्रता आन्‍दोलन में उनके योगदान से परिचय कराने के लिए यह एक अच्‍छा स्रोत संसाधन है।

अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन स्‍कूल, टोंक के शिक्षक कुलदीप शर्मा ने कक्षा 6 के बच्‍चों के साथ काम करते हुए इतिहास की समझ पर एक वर्कशीट बनाई है। आप भी इसका उपयोग कर सकते हैं। इसके आधार पर अपने लिए, अपने परिवेश के लिए वर्कशीट बना सकते हैं।

शिक्षण योजना एवं उद्देश्य

इस शिक्षण योजना का मुख्य उद्देश्य निम्न हैं-

  • प्राथमिक स्तर के बाद बच्चों के सामने इतिहास का विषय के रूप में परिचय।
  • अपने इतिहास की समझ के साथ इतिहास के विस्तृत स्वरूप पर जाना।
  • इतिहास के विभिन्न स्त्रोतों की समझ व उनका महत्व।

इतिहास क्या है?

प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन विषय का मुख्य लक्ष्य बच्चों को उनके परिवेश की वास्तविक परिस्थितियों से अनुभव कराना है। बच्चों को उनके परिवेश से जोड़ने के कारण बच्चे परिवेश के प्रति सजग होंगे तथा उसके महत्व को समझेंगे। बच्चे अपने परिवेश के प्राकृतिक, भौतिक,सामाजिक,सांस्कृतिक और वर्तमान पर्यावरणीय मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनें, यही पर्यावरण अध्ययन विषय का उद्देश्य है।  

भोजन प्राचीन काल से ही समाज में पारस्परिक विचारों के आदान-प्रदान एवं सम्बन्धों की स्थापना का आधार रहा है। इसका एक प्रमुख कारण यह भी हो सकता है कि भोजन समाज की अनिवार्य आवश्यकता है चाहे वह समाज किसी भी स्‍तर का क्यों न हो ?

3 जनवरी को देश की पहली महिला शिक्षक सा‍वित्री बाई फुले का जन्‍मदिन है। सावित्री बाई फुले ने अपने पति ज्‍योतिराव फुले के साथ मिलकर समाज के निम्‍न तबकों के बच्‍चों के लिए शिक्षा उपलब्‍ध कराने का अभियान चलाया।

वर्षों पहले दूरदर्शन के लिए जाने-माने निर्देशक श्‍याम बेनेगल ने 'भारत एक खोज' शीर्षक से एक टीवी धारावाहिक बनाया था। यह भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रसिद्ध पुस्‍तक ' भारत की खोज' पर आधारित है।

नवाचारी शिक्षक मुकेश मालवीय ने एक छोटी-सी फिल्‍म बनाई है। फिल्‍म में मिट्टी के बरतन बनने का फिल्‍मांकन है। लेकिन उसके साथ एक छोटी-सी कहानी या कहें कि अपील भी है, मार्मिक अपील। अपील एक बच्‍चा कर रहा है। वह कह रहा है, देखिए अगर मुझे पर्याप्‍त अवसर और प्रोत्‍साहन मिलें, तो मैं कक्षा में भी वह सब कुछ कर सकता हूँ, जिसकी आप अपेक्षा करते हैं।

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू स्‍वतंत्रता आंदोलन के दौरान जेल में भी रहे। उन्‍हाेंने जेल में बिताए समय का उपयोग किताबें लिखकर किया। जेल में लिखी गई उनकी किताब  'भारत -एक खोज' (डिस्‍कवरी ऑफ इंडिया) बहुत चर्चित हुई है। इस किताब पर आधारित टीवी सीरियल बना, वह भी बहुत चर्चित हुआ। हम सब मौके-बेमौके भारत माता का जयकारा लगाते हैं। लेकिन उसका अर्थ क्‍या है? कौन है भारत माता ?

भारत एक खोज का यह पहला एपीसोड इसका एक सरल और सहज जवाब देता है।

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