विज्ञान एवं तकनॉलॉजी

यह अंक महामारी पर केन्द्रित है। ‘बुनियादी बात’ खण्ड में पढ़ें : महामारी के संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए महामारी विज्ञानियों ने कौन-सी रणनीतियों का उपयोग किया है? क्या वायरस जीवन के सबसे जटिल या सरल रूप हैं? 20 वीं शताब्दी के बाद से नए जु़ओनोसिस रोगों की आवृत्ति में उछाल का क्या कारण है?

शैक्षिक पत्रिका 'पाठशाला- भीतर और बाहर' अंक 1 जुलाई,2018 में प्रकाशित सुन्‍दर नौटियाल का यह कक्षा अनुभव यह बताता है कि शिक्षक का एक काम यह भी है कि वह बच्‍चों की खोजी प्रवृत्ति और रचनात्‍मकता को प्रोत्‍साहित करे।

लेख नीचे दी लिंक से डाउनलोड किया जा सकता है।

लर्निंग कर्व हिन्दी अंक 1 दिसम्बर,2009 : विज्ञान शिक्षा पर केन्द्रित अंक

व्यापक मुद्दे
एनसीएफ के तरीके से विज्ञान सीखना * इन्दु प्रसाद
ज्वलंत प्रश्न और उनमें छिपी ज्ञान की लौ * कृष्णन बाल सुब्रह्मणयम
वैज्ञानिक सोच का विकास * दिलीप रांजेकर

डा.सत्यजीत रथ, राष्ट्रीय प्रतिरक्षा विज्ञान संस्थान में वैज्ञानिक रहे हैं। आजकल वे आईसर पुणे से साथ सम्बद्ध हैं और एकलव्य के विज्ञान सम्बन्धित कामों में स्रोत व्यक्ति भी हैं। 9 मई को की शाम डा.सत्यजीत से एकलव्य संस्‍था के साथियों ने कोविड19 के विभिन्न आयामों पर उपयोगी बातचीत की। बातचीत को इस वीडियो में देखा जा सकता है।

जब आप विज्ञान यह सोच कर पढ़ाते हैं कि इसके द्वारा बच्चों में कुछ स्किल्स या क्षमताओं का विकास करना है तो निश्चित ही उसके कुछ परिणाम भी समय-समय पर मिलते रहते हैं। जैसे विज्ञान में प्रश्न पूछने और प्रश्नों के उत्तर जानने के लिए खोजबीन करना एक विशेष स्किल है।

मोहम्‍मद उमर अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन में गणित विषय के स्रोत व्‍यक्ति हैं। उन्‍होंने अपनी गणितीय समझ का उपयोग करते हुए कोरोना वायरस के संक्रमण को इस वीडियो में समझा आया है। सरल भाषा में निश्चित ही यह एक उपयोगी प्रयास है। आप भी देखें और लाभ उठाएँ।

कोरोना वायरस का फैलता संक्रमण तरह-तरह की आंशकाओं को जन्म दे रहा है। इसे लेकर अवैज्ञानिक सूचनाएँ/अफवाहें भी फ़ैलाई जा रही हैं। ऐसे में बच्चों और बड़ों दोनों को कोरोना वायरस और इससे फैलने वाली बीमारी के बारे में सही-सही जानकारी उपलब्ध कराने की जरूरत है। इस जरूरत को देखते हुए

मैं आपको विज्ञान का दर्शन नहीं बताने जा रहा, मैं तो आपको अपने कक्षा अनुभव से रूबरू करवा रहा हूँ। दरअसल मैंने फेसबुक के Teacher Info Point पेज पर ममता अंकित का एक वीडियो देखा जिसमें वे अपने विद्यार्थियों को प्रकाश को सीधी रेखा में चलना दिखा रही थीं। मैं भी इस टॉपिक पर कई बार कुछ गतिविधियाँ करवा चुका था। ये वीडियो मुझे बहुत पसन्द आया और कक्षा में प्रयोग करने लायक भी लगा। तो जैसे ही अवसर मिला मैंने कक्षा 6, 7 व 8 के बच्चों को कंप्यूटर कक्ष में बिठाकर उनके समक्ष ये प्रयोग करने का निर्णय लिया।

Ncert तथा सभी बोर्ड में कक्षा 10 में बच्चों को दिष्ट धारा मोटर तथा दिष्ट धारा जनित्र पढाया जाता है|बच्चों को उनके चित्र बनाने में बेहद कठिनाई का अनुभव होता है|वे उनके चित्रों में अंतर नहीं कर पाते|प्रस्तुत वीडियो में एनीमेशन के द्वारा न सिर्फ दिष्ट धारा जनित्र को बनाना बताया गया है बल्कि दिष्ट धारा मोटर बनाते समय उसमे कितना बदलाव करना है,यह भी बताया गया है|

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