भाषा

हिन्दी शिक्षण

By kku | अगस्त 9, 2019

मेरा यह मानना है कि हिन्दी के अध्यापक को अग्रेज़ी भाषा और साहित्य का भी ज्ञान होना चाहिए तभी वह अपने विद्यार्थियों को वैश्विक जगत से जोड़ पाएगा और विद्यार्थियों में हिन्दी भाषा के प्रति रुचि विकसित करने में सक्षम हो पाएगा ।

त्रिपुरारी शर्मा वरिष्‍ठ रंगकर्मी हैं। वे नेशनल स्‍कूल ऑफ ड्रामा में प्राध्‍यापक हैं। उन्‍होंने बच्‍चों के लिए कई नाटकों का निर्देशन किया है। वे बच्‍चों के लिए कहानियाँ भी लिखती हैं। उनकी एक कहानी को रूमटूरीड ने चित्रकथा के रूप में प्रकाशित किया है। यह कहानी है भभो भैंस। इसकी पीडीएफ यहॉं से डाउनलोड की जा सकती है।

मनोहर चमोली  'मनु' शिक्षक हैं। उत्‍तराखण्‍ड के पहाड़ों में रहते हैं। वे बच्‍चों के लिए कहानियाँ भी लिखते हैं। छोटे बच्‍चों के लिए लिखी गई उनकी एक कहानी 'चलता पहाड़' को रूम टू रीड ने चित्रकथा के रूप में प्रकाशित किया है। उसकी पीडीएफ यहाँ से ली जा सकती है।

मुकेश मालवीय शिक्षक हैं। वे बच्‍चों के लिए कहानियाँ भी लिखते हैं। छोटे बच्‍चों के लिए लिखी गई उनकी एक कहानी को रूम टू रीड ने चित्रकथा के रूप में प्रकाशित किया है। उसकी पीडीएफ यहाँ से ली जा सकती है।

अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन, देहरादून, उत्‍तराखण्‍ड द्वारा प्रकाशित पत्रिका का फरवरी-अप्रैल 2019 अंक।

संज्ञा उपाध्‍याय की तीन बाल कविताएँ इस वीडियो में हैं। ये प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हैं। इनमें से एक कविता कुछ इस तरह है :

मकड़ी जाला बुनती है
नहीं किसी की सुनती है

पूरे घर को देखभाल कर
कोने-अँतरे चुनती है

दम साधे जाले में बैठी
गुर शिकार के गुनती है

अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन, देहरादून द्वारा प्रकाशित पत्रिका 'प्रवाह' का अक्‍टूबर 2018- जनवरी 2019 अंक आ गया है। उसे आप यहाँ नीचे दी गई लिंक से डाउनलोड कर सकते हैं।

प्रतिभा कटियार

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