संगोष्‍ठी

शिक्षा के सरोकार शृंखला के तहत अज़ीम प्रेमजी विश्‍वविद्यालय ,बेंगलूरु एवं शिक्षा संकाय, दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय के संयुक्‍त तत्‍तावधान में 11 से 13 अक्‍टूबर,2019 तक दिल्‍ली में एक संगोष्‍ठी का आयोजन किया गया। संगोष्‍ठी का विषय था गणित शिक्षण : अपेक्षाएँ और चुनौतियाँ। इस संगोष्‍ठी में देश भर से आए भागीदारों ने 45 से अधिक परचों को प्रस्‍तु‍त किया। उपस्थित श्रोताओं और भागीदारों ने उस पर चर्चा की। संगोष्‍ठी में आए परचों के एब्‍स्‍ट्रैक्‍ट की एक पुस्तिका 'बानगी' का इस अवसर पर जारी की गई।

13,14एवं 15 अक्‍टूबर,2018 को मोहाली में'विज्ञान एवं विज्ञान शिक्षा' पर संगोष्‍ठी आयोजित की गई थी। इस संगोष्‍ठी का आयोजन अज़ीम प्रेमजी विश्‍वविद्यालय, बेंगलूरु एवं भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान मोहाली,पंजाब ने मिलकर किया था। संगोष्‍ठी हिन्‍दी तथा पंजाबी में भाषाओं में थी।

इस संगोष्‍ठी में प्रस्‍तुत हिन्‍दी परचों के एब्‍स्‍ट्रैक्‍ट की एक पुस्तिका इस अवसर पर जारी की गई। इन एब्‍स्‍ट्रैक्‍ट को पढ़कर इस बात का अन्‍दाजा लगाया जा सकता है कि संगोष्‍ठी में किन विषयों पर विमर्श हुआ।

शिक्षा में सुधार की प्रक्रिया में शिक्षक की भूमिका महत्‍वपूर्ण मानी जाती है। उन्‍हें परिवर्तन के वाहक के रूप में देखा जाता है। वर्तमान समय में आवश्‍यकता इस बात की है कि उन्‍हें इस बात का अहसास दिलाया जाए। इस दृष्टि से जरूरी है कि शिक्षकों के साथ विभिन्‍न स्‍तरों पर नियमित संवाद हो। उन्‍हें अपनी बात कहने के मौके हों, उनके प्रश्‍नों पर विचार के मौके हो, उनकी कक्षा के अनुभव हों आदि। इस विचार को ध्‍यान में रखते हुए सर्वशिक्षा अभियान के साथ मिलकर अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन,उत्‍तराखण्‍ड प्रदेश के उधमसिंह नगर व उत्‍तरकाशी जनपदों में विभिन्‍न शैक्षिक क्रियाकलापों से जुड़ा हुआ है।

इसी क्रम में विगत शैक्षिक सत्रों में ब्‍लाक स्‍तर पर शिक्षकों के साथ, शिक्षकों की पहल पर शैक्षिक मुद्दों पर शिक्षक संगोष्ठियों का आयोजन किया जाता रहा है। इसका मुख्‍य उद्देश्‍य यह रहा है कि शिक्षकों के बीच एक पेशेवर संस्‍कृति का विकास हो। वे अपनी कक्षा की प्रक्रियाओं को व्‍यापक सन्‍दर्भ में रखकर सोच पाएँ। वे आपस में शिक्षा के विभिन्‍न मुद्दों पर सुविचारित संवाद की प्रक्रियाएँ शुरू कर पाएँ।

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