विवेकानंद विद्यालय

खैर, खुशहाली लाने का नेहरू जी का सपना सच हुआ। आई.आई.टी. कानपुर बना और तकनीकी विकास में योगदान देने के लिए देश-विदेश में इसका खूब नाम हुआ। बीस बरस बाद, यानी सन् 1980 में जब यह संस्थान अपने स्थापना की 20वीं वर्षगाँठ मना रहा था तब एक समारोह में ‘मनीराम जी’ के पुत्र विष्णु शर्मा जी ने एक सवाल पूछा। उनका सवाल था कि इतने वर्षों में आई.आई.टी. ने अपने आसपास बसे गाँवों के लिए क्या किया है? औपचारिक रूप से संस्थान ने अपने आसपास के इलाकों के विकास के लिए क्या किया है इस पर सचमुच प्रश्‍नचिन्ह हैं, लेकिन एक सच्चाई यह भी है कि संस्थान के कई शिक्षकों, छात्रों और कर्मचारियों ने अपने जीवन का बहुमूल्य समय इन इलाकों में बदलाव लाने के लिए समर्पित कर दिया है।

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