विज्ञान

कक्षा में बच्‍चे प्रश्‍न पूछने में संकाेच करते हैं। एक कारण यह भी होता है कि जिस तरह से शिक्षण किया जाता है उसमें अमूमन उनके सोच को बढ़ावा देने या प्रश्‍न पूछने की गुजांइश ही नहीं होती है।

यहॉं दो वीडियो हैं। एक विज्ञान कक्षा का और एक गणित की कक्षा का । दोनों में शिक्षण के तरीके पर ध्‍यान देने की जरूरत है। शिक्षण ही प्रश्‍न पूछने पर आधारित है। और प्रश्‍न भी सोच को बढा़वा देने वाले हैं।

माध्‍यमिक कक्षाओं में आकलन करने के लिए नवाचारी तरीके क्‍या हो सकते हैं, यह इन वीडियो में बहुत अच्‍छे से बताया गया है।
यहाँ अँग्रेजी भाषा, गणित तथा जीवविज्ञान की कक्षाओं में आकलन के तरीकों पर चर्चा की गई है।

विज्ञान,गणित,भाषा या अन्‍य किसी भी विषय को अपने परिवेश में मौजूद संसाधनों की मदद से बच्‍चों को पढ़ाया जा सकता है। जरूरत केवल थोड़े से सोच-विचार और नवाचारी नजरिए की है।

TESS India  द्वारा बनाए गए ऐसे ही 4 से 5 मिनट की अवधि के  6 उपयोगी वीडियो यहॉं प्रस्‍तुत हैं।

सूक्ष्‍मदर्शी यानी माइक्रोस्‍कोप का नाम लेते ही दिमाग में विज्ञान की प्रयोगशाला के एक भारी-भरकम उपकरण का ध्‍यान आता है। लेकिन यह वास्‍तव में ऐसा है नहीं। हमारी तथाकथित विज्ञान शिक्षा ने इसकी छवि ऐसी बना दी है। सिद्धान्‍त तौर पर यह कैसे काम करता है यह न केवल आसानी से समझा जा सकता है, वरन् इसके सरल मॉडल बच्‍चे बना भी सकते हैं।

28 फरवरी यानि कि विज्ञान दिवस! अजीम प्रेमजी स्कूल,टोंक के बच्चों ने इस दिन मेले का आयोजन किया। लगभग एक सप्ताह का समय लगाकर बच्‍चों जिस तरह से विज्ञान मेले के आयोजन की प्रक्रिया में अपनी भागीदारी दी, यह काफी उत्साह देने वाला रहा। काम की इस पूरी प्रक्रिया व इसके साथ बच्चों की अन्‍तक्रिया का स्वरूप मुझे कुछ इस तरह से प्रतिबिम्‍बित होता नजर आया है।

भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अन्‍तर्गत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग हर साल कक्षा 6 से 10 तक के स्‍कूली विद्यार्थियों के लिए INSPIRE Awards कार्यक्रम का आयोजन करता है। इसमें लाखों बच्‍चे भाग लेते हैं। हर साल 2 लाख बच्‍चों को उनके बनाए नवाचारी प्रोजेक्‍टस् के लिए INSPIRE Awards से सम्‍मानित किया जाता है।  अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर जा सकते हैं www.inspire-dst.gov.in

इस वीडियो में एक छात्रा अपने देहाती कूलर के बारे में बता रही है।

भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अन्‍तर्गत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग हर साल कक्षा 6 से 10 तक के स्‍कूली विद्यार्थियों के लिए INSPIRE Awards कार्यक्रम का आयोजन करता है। इसमें लाखों बच्‍चे भाग लेते हैं।

हर साल 2 लाख बच्‍चों को उनके बनाए नवाचारी प्रोजेक्‍टस् के लिए INSPIRE Awards से सम्‍मानित किया जाता है। यह वीडियो ऐसे ही एक प्रोजेक्‍ट का है।  अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर जा सकते हैं   www.inspire-dst.gov.in

प्राथमिक और माध्‍यमिक कक्षाओं में बच्‍चों को विभिन्‍न विषयों के बीच अंत:सम्‍बन्‍ध बताने की आवश्‍यकता भी होती है।

आमतौर पर कला विषय को सबसे अलग समझा जाता है। लेकिन गहराई से देखें तो उसका सम्‍बन्‍ध विज्ञान,भाषा,गणित, पर्यावरण विज्ञान सभी से होता है। यहाँ इसी बात को रेखांकित करती चार वर्कशीट दी जा रही हैं। शिक्षक इनका उपयोग अपनी कक्षाओं में कर सकते हैं।

हर वर्ष 28 फरवरी को राष्‍ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। विज्ञान प्रदर्शनी से लेकर व्‍याख्‍यान तक तरह तरह के कार्यक्रम होते हैं।
उत्‍तरकाशी में अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन के साथियों ने उत्‍तरकाशी के गॉंधी विद्यापीठ  के शिक्षकों तथा विद्यार्थियों के साथ मिलकर एक विज्ञान नाटिका का मंचन किया। इसमें यह बताने की कोशिश की गई है कि आने वाला समय कैसा होगा।
बच्‍चों के बीच विज्ञान की महत्‍वपूर्ण अवधारणाओं को रखने तथा उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण पैदा करने की दृष्टि से यह नाटिका उपयोगी है।

प्राथमिक कक्षाओं में विद्यार्थियों को पौधों में जीवन का शिक्षण करने के लिए एक सरल वर्कशीट।

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