विज्ञान

विष्णुतीर्थ अग्निहोत्री एवं अनघ पुरन्दरे

उच्‍च प्राथमिक विज्ञान की कक्षा में शिक्षण के लिए स्‍थानीय संसाधनों का उपयोग कैसे किया जा सकता है, यह वीडियो इसे प्रदर्शित करता है। आप भी देखें। इस वीडियो में एक शिक्षिका अपने विद्यार्थियों के साथ प्रकाश और छाया से सम्‍बन्धित एक प्रयोग कर रही हैं।

अलका तिवारी

विज्ञान की अवधारणाओं को जानने और समझने के लिए गुब्‍बारे की मदद से कुछ आसान प्रयोग किए जा सकते हैं। राष्‍ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद 'अध्‍यापक शिक्षा और विद्यालयी शिक्षा में अभिनय प्रयोगों की एक राष्‍ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन करती है। ऐसी ही एक प्रतियोगिता में पुरस्‍कृत अध्‍यापक द्वारा प्रस्‍तुत प्रयोगों का भाग तीन यहाँ दिया जा रहा है।

एकलव्‍य द्वारा प्रकाशित डॉ.किशोर पँवार की यह किताब हमें जीवजगत के ऐसे हमसफर साथियों और उनकी गतिविधियों से परिचित कराती है, जिन्‍हें हम देखते तो रोज हैं, पर उनके बारे में ज्‍यादा जानते नहीं। तितली, फफूँद, गोबर का कीड़ा, चीटियॉं, नकलची पौधे, बटेर,तरह-तरह के परजीवी,जीवी,प‍त्तियों को कुतरने वाले जीव आदि ऐसे तमाम विषय हैं इस किताब के।

किताब के विभिन्‍न लेख हमारे रोजमर्रा के देखने को भी एक नई दृष्टि देते हैं। यह उच्‍चतर माध्‍यमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए भी उपयोगी है।

एस. इन्दुमति

एक स्कूल की कहानी में क्या हो सकता है। बच्चे, शिक्षक और स्कूल की चहारदीवारी! ऊपर आसमान और नीचे पंछी, कीट पतंगे, जल जंगल और जमीन। स्कूल की बात की जाए तो यहाँ चन्‍द कमरे, खेल का मैदान। कमरों में दीवारों पर पोस्टर्स, बोर्ड, फर्श पर बिछायत जहाँ बच्चे बैठते हैं। एक-दो कुर्सी और टेबल जो शिक्षक-शिक्षिका के लिए होती है। अब इस व्यवस्था के चलते बच्चों कक्षा को अगर जीवंत बना सकता है तो वह ‘शिक्षक’ है।

जब संसाधन सीमित हों, तो माध्‍यमिक कक्षा में विज्ञान शिक्षण अपने आप में एक चुनौती हो सकती है। पर अगर शिक्षक नवाचारी हो तो वह तरीके खोज ही लेता है।

इस वीडियो में शिक्षिका 'पदार्थ की अवस्‍था' को प्रयोगों के माध्‍यम से बताने के लिए अपने विद्यार्थियों के सामने कुछ प्रयोग कर रही हैं।

बच्‍चे जोडि़यों में बैठकर या आपस में बात करते हुए जल्‍द सीखते हैं। विज्ञान की माध्‍यमिक कक्षा में यह कैसे हो सकता है इसका एक उदाहरण इस वीडियो में है। 

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