लक्ष्‍मी नैथानी

लक्ष्मी ने बताया कि जब उनके विद्यार्थी कक्षा में सीख नहीं पाते तो उन्हें चिन्‍ता होती है और वे उन तरीकों के बारे में सोचना शुरू कर देती हैं जिनसे बच्चों को बेहतर तरीके से पढ़ाया जा सके। उदाहरण के लिए उन्होंने देखा कि एक बच्चा पाठ पढ़ने में रुचि नहीं ले रहा लेकिन उसे बागवानी में मजा आता है। तो उन्होंने उसे पौधे लगाने और स्कूल के बगीचे की देखभाल करने के काम में लगाया। धीरे-धीरे बच्चे ने स्कूल के कामों में दिलचस्पी लेना और सीखना शुरू कर दिया।

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