भूगोल

 

शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करना लगभग पाँच वर्ष पहले शुरू किया था। शुरुआत में बहुत से ऐसे दस्तावेजों को पढ़ने का अवसर मिला जो शिक्षा के लक्ष्य, अर्थात शिक्षा से किस प्रकार के समाज की पैरवी की गई है, हमारा शिक्षण कैसे संवैधानिक मूल्यों को पिरो सकता है आदि पर आधारित थे। पर जब से स्कूल में बच्चों के साथ काम करना शुरू किया तब से एक स्पष्ट तस्वीर अपने दिमाग में बना पाता हूँ क्योंकि अब सिद्धान्‍त और व्यवहार में तालमेल स्पष्टतः बनता हुआ देख पाता हूँ। शिक्षण एवं शिक्षण प्रक्रियाओं के बारे में जितने भी दस्तावेज पढ़े वे इसी बात की पैरवी कर रहे

अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन,देहरादून द्वारा प्रकाशित की जाने वाली  पत्रिका 'प्रवाह' का जनवरी-अप्रैल , 2017 का अंक सामाजिक विज्ञान पर केन्द्रित है। इसमें इतिहास,भूगोल तथा पर्यावरण विषयों के अतिरिक्‍त कई अन्‍य महत्‍वपूर्ण शिक्षण मुद्दों पर उपयोगी सामग्री है। एक झलक यहॉं देख सकते हैं :

कहानी चौरी-चौरा की : गौतम पाण्डेय

अंतर्सबंध और बदलाव : बिपिन जोशी

भौगोलिक दृष्टि से शिक्षित एक व्‍यक्ति में स्‍थान के सन्‍दर्भ में प्रमुख प्राकृतिक व मानव निर्मित वस्‍तुओं के संघटन को देखने की और मानव जीवन के सम्‍बन्‍ध में इनके महत्‍व व निहितार्थ को समझने की क्षमता होती है। उनमें इनसे उत्‍पन्‍न होने वाली जटिलताओं को समझने की भी क्षमता होती है। ‘भूगोल का प्रभाव व महत्‍व’ न केवल उन्‍हें वर्तमान घटनाओं की जटिलता को समझने में मदद करता है बल्कि दीर्घकालिक साधनों व तरीकों के माध्‍यम से ‘भौगोलिक दृष्टि से उपयुक्‍त’ भविष्‍य की योजना बनाने में भी मददगार होगा ।

डाॅ. अपर्णा पाण्डेय

विजय पाल सिंह

सामाजिक विज्ञान शिक्षण पर कुछ विचार

अनुपमा तिवाड़ी  बेहतर शिक्षा के लिए शिक्षाकर्म से जुड़े लोगों का लगातार सीखना और सीखे हुए का उपयोग करते हुए सिखाने का माहौल देना जरूरी है। विद्यालय सीखने – सिखाने की एक अधिकारिक जगह है परन्तु अधिकांश विद्यालयों में या तो सीखना होता है या सिखाना। अतः बेहतर सिखाने के लिए यह जरूरी है कि शिक्षक भी लगातार सीखता रहे। जब तक कक्षा में दोनों प्रक्रियाएँ सीखने और सिखाने की नहीं चलेंगी तब तक कक्षा में या तो सिर्फ सीखना होगा या सिर्फ सिखाना।  

खेल बच्‍चों के पढ़ने-लिखने, गिनने व भाषा कौशल को विकसित करने के बहुत बढि़या तरीके हैं। ये समन्‍वयन कौशल को बढ़ाने, समीक्षात्‍मक सोच और समस्‍या को हल करने के कौशल को पुख्‍ता करने में भी मदद करते हैं और बच्‍चों को हार-जीत, बारी-बारी से खेलने व समूह में काम करने के बारे में सिखाते हैं। यहाँ कक्षा में खेले जा सकने वाले कुछ ऐसे खेल दिए गए हैं जिनके जरिए आप विद्यार्थियों को कक्षा में सक्रिय रूप से भागीदारी करने में मदद कर सकते हैं।

शोभन सिंह नेगी

हम उत्तरकाशी जिले में दिशा कार्यक्रम के तहत शैक्षणिक प्रक्रियाओं को समझने के उद्देश्य से एक विद्यालय में पहुँचे थे। वहाँ पता चला कि विद्यालय के मुख्य अध्यापक अनुपस्थित हैं। हमने निर्णय लिया जैसी भी परिस्थिति बनेगी, योजना में बदलाव कर लेंगे। इतना तो तय था कि हम सामाजिक अध्ययन विषय में बच्चों की समझ को जानने की कोशिश करेंगे।

यह वर्कशीट विद्यार्थियों को पर्वत तथा पहाड़ के बीच अन्‍तर को समझने में सहायता करती है। इसके साथ ही यह वर्कशीट विद्यार्थियों को विज्ञान, गणित तथा अन्य विषयों से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराती है।

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