बाडृमेर

इन्‍दु ने कहा,' कि नहीं जैसा भी है,स्‍कूल है। जरूरी नहीं है कि यहाँ मुझे सारी सुविधाएँ मिलें, लेकिन मुझे यहाँ के बच्चों के लिए कुछ करना है। उनको शिक्षित करना है क्योंकि उनके माता-पिता जब उनको इतनी दूर से पढ़ने के लिए भेज सकते हैं तो मैं इनको यहाँ आकर क्यों नहीं पढ़ा सकती। मुश्किलों का क्या है वो तो अच्छे काम में हर किसी के सामने आती रहती हैं।'

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