प्रयोग

सुशील जोशी

मुकेश मालवीय

विज्ञान शिक्षण के क्रम में विज्ञान की गतिविधियाँ करना और सीखना – यह तो कोई नई बात नहीं है, परन्तु यह पढ़कर और देखकर आपको जरूर आश्चर्य हो सकता है कि एक मेले में विज्ञान की गतिविधियों के माध्यम से बच्चों ने 15 से 20 वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझा और अपने ज्ञान का सृजन किया।

शिक्षक प्रयोग प्रदर्शन के तहत विद्यार्थियों को कोई प्रयोग, प्रक्रिया या परिघटना को दर्शाते हैं। यह एक युक्ति है, जिसका उपयोग विज्ञान के शिक्षण में प्रायः किया जाता है। यह इकाई इस बारे में समझ विकसित करने में आपकी मदद करती है कि प्रयोग प्रदर्शन का उपयोग प्रभावी रूप से कैसे किया जा सकता है, जो कि इस मामले में, भोजन के बारे में पढ़ाने के दौरान है।

विज्ञान की अवधारणाओं को जानने और समझने के लिए गुब्‍बारे की मदद से कुछ आसान प्रयोग किए जा सकते हैं। राष्‍ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद 'अध्‍यापक शिक्षा और विद्यालयी शिक्षा में अभिनय प्रयोगों की एक राष्‍ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन करती है। ऐसी ही एक प्रतियोगिता में पुरस्‍कृत अध्‍यापक द्वारा प्रस्‍तुत प्रयोगों का भाग तीन यहाँ दिया जा रहा है।

हवा के गुणधर्म जानने और समझने के लिए गुब्‍बारे की मदद से कुछ आसान प्रयोग किए जा सकते हैं। राष्‍ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद 'अध्‍यापक शिक्षा और विद्यालयी शिक्षा में अभिनय प्रयोगों की एक राष्‍ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन करती है। ऐसी ही एक प्रतियोगिता में पुरस्‍कृत अध्‍यापक द्वारा ये प्रयोग प्रस्‍तुत किए जा रहे हैं।

अलका तिवारी

बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी अरविन्‍द गुप्ता देश के प्रसिद्ध खिलौना अन्वेषक एवं विज्ञान संचारक हैं। आप तीन दशकों से विज्ञान जागरूकता को लेकर कार्य करते आ रहे हैं। उन्होंने बच्चों में खिलौनों के माध्यम से विज्ञान संचार का अद्भुत कार्य किया है। हिन्दी और अँग्रेजी के अलावा आपने देश की कई क्षेत्रीय भाषाओं में विज्ञान आधारित पुस्तकों का लेखन तथा अनुवाद किया है। विज्ञान के प्रति आपके समर्पण तथा सेवा के लिए कई राष्ट्रीय एवं अन्‍तर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। अरविन्‍द गुप्ता के साथ मनीष श्रीवास्तव की बातचीत।

हिन्दी

अज़ीम प्रेमजी स्‍कूल,टोंक के शिक्षक नेमा राम चौधरी बता रहे हैं कि अगर बच्‍चों को मौके दिए जाएँ तो वे हर चीज करके देखने को तैयार रहते हैं।

पौधों में वाष्‍पोत्‍सर्जन कैसे होता है, इसे समझने के लिए उन्‍होंने कुछ प्रयोग किए।

बच्‍चों को भाषा को सीखने-सिखाने के लिए किसी एक तरीके या स्रोत पर निर्भर नहीं रहा जा सकता। भाषा एक कौशल है जिसमें अभ्‍यास की सबसे अधिक जरूरत होती है। बच्‍चों को सुनने,बोलने,पढ़ने और लिखने के जितने ज्‍यादा और जितने विविध अवसर मिलेंगे, वे भाषा में उतने ही पारंगत होंगे। इस सन्‍दर्भ में संगीत भी एक बहुत शक्तिशाली साधन है। एक शिक्षक संगीत का उपयोग भाषा-शिक्षण में कहाँ-कहाँ और कैसे कर सकता है, इस लेख में इस बात की ओर इशारा किया गया है।

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