पुस्‍तक

पढ़ने में रुचि बनाने के लिए पुस्तकालयों की भूमिका

शिक्षक के बतौर हम सभी इस बात को जानते हैं कि बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित करना काफी महत्वपूर्ण है। यह न केवल उनकी पढ़ाई के लिए आवश्यक है बल्कि यह एक ऐसी दक्षता है जो ताउम्र उनके काम आएगी। हम जानते हैं कि -

सच में अगर एक स्कूल शिक्षक चाहे और बच्चों पर भरोसा करे तो बन्द अलमारी के बजाय, खुली रैक में भी स्कूल पुस्तकालय संचालित किया जा सकता है।

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सम्‍भव है कि पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए कोई एक तयशुदा अकादमिक तरीका हो सकता है। पर यह बहुत कुछ इस बात पर भी निर्भर करता है कि बच्‍चे के आसपास किस तरह के संसाधन मौजूद हैं।


स्‍कूल में हिन्‍दी की वर्णमाला सीख ली थी, लिखना भी और पढ़ना भी। यह सत्‍तर का दशक था। तब स्‍कूल की गिनी-चुनी चार-पाँच किताबों के अलावा छपी हुई कोई और सामग्री आसपास नहीं होती थी। अगर कुछ थी तो वह अखबार था।

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