कल्‍याण मनकोटी

समुदाय के सभी लोग विद्यालय संचालन में अपनी भूमिका को देखकर काफी हर्षित और उल्लासित हैं। विद्यालय प्रबन्‍धन समिति के सदस्यों की विद्यालय संचालन में भूमिका पर एक व्यापक व गहन चर्चा हुई। चर्चा के विषय के रूप में मैंने जैसे ही परिवार में महिला-पुरुष का भेद, घरेलू हिंसा, नशे को रखा, महिला सदस्यों ने एक स्वर में कहा इस पर जरूर चर्चा होनी चाहिए। सबसे पहले यह तय होना चाहिए कि विद्यालय प्रबन्‍धन समिति के सदस्यों को किसी भी तरह का नशा नहीं करना चाहिए। वही व्यक्ति विद्यालय प्रबन्‍धन समिति का सदस्य बनेगा जो नशा, घरेलू हिंसा तथा लिंग भेद नहीं करेगा। इन सारे गम्‍भीर विषयों पर व्यापक चर्चा-परिचर्चा तथा गरमा गरम बहस हुई। गहन बहस, चर्चा-परिचर्चा के बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि समुदाय का कोई भी व्यक्ति विशेषकर हमारे विद्यालय में अध्ययनरत बच्‍चों के अभिभावक घरेलू हिंसा व लिंग भेद नहीं करेंगे तथा विद्यालय प्रबन्‍धन समिति का सदस्य किसी भी प्रकार का नशा नहीं करेगा।

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कल्‍याणसिंह मनकोटी उत्‍तराखण्‍ड के एक सुदूर गॉंव के युवा अध्‍यापक हैं। अपने विद्यालय में सीमित संसाधनों और समुदाय के सहयोग से वे जो कुछ कर रहे हैं,उसके बारे में जानकर लगता है कि हम गिजुभाई के प्रतिरूप से मिल रहे हैं। वास्‍तव में हमें तो ऐसा कहने में कोई संकोच नहीं है। बाकी आप उनकी यह डायरी पढ़कर खुद ही तय कर सकते हैं। -सम्‍पादक

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