उषा अस्वथ अय्यर

प्रत्येक बच्चे का आदर करना और उसे महत्त्व देना। मुझे लगता है कि यह बहुत ही महत्त्वपूर्ण है। यही सबसे चुनौतीपूर्ण भी है क्योंकि लोगों को यह विश्लेषण करना होगा कि वे अपने से अलग बच्चों/लोगों के साथ अलग तरह का व्यवहार क्यों करते हैं - क्या यह सामाजिक या आर्थिक तबके में अन्तर की वजह से है या क्षमताओं में अन्तर की वजह से? हमारे व्यवहार की गहरी सांस्कृतिक जड़ें हैं। यह निश्चित तौर पर एक चुनौती है कि हम सामाजिक जीवों के तौर पर जो दुराग्रह पाल लेते हैं, उन्हें खुलेपन से परिवर्तित कर पाएँ।

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