उत्‍तराखण्‍ड

उत्‍तराखण्‍ड के मशहूर चिपको आन्‍दोलन की जानकारी देने वाला एक पीपीटी। यह बच्‍चों के बीच आन्‍दोलन के बारे में और अधिक जानने की जिज्ञासा पैदा करता है।

उत्‍तराखण्‍ड के उत्तरकाशी जनपद की वादियों में विकासखण्‍ड मोरी में है राजकीय प्राथमिक विद्यालय मौताड़। विद्यालय के अध्‍यापक संजय बच्‍चों को पढ़ाने के लिए बच्‍चों की मदद भी लेते हैं। वे उनकी अँग्रेजी की क्षमतावृद्धि की कोशिश भी कर रहे हैं। वे बच्‍चों के अभिभावकों से भी सम्‍पर्क करते हैं। अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन जिला संस्‍थान, उत्तरकाशी के साथियों ने सर्व शिक्षा अभियान, उत्तरकाशी के सहयोग से इन प्रयासों का दस्‍तावेजीकरण करने की पहल की है। यह छोटी-सी फिल्‍म उनके प्रयासों पर रोशनी डालती है।

उत्‍तराखण्‍ड के उत्तरकाशी जनपद की वादियों में बहुत सारे विद्यालय हैं। उनमें से एक है राजकीय प्राथमिक विद्यालय डामटा में। विद्यालय में 200 बच्‍चे हैं। इन सबको शिक्षा देने की जिम्‍मेदारी एक मात्र शिक्षिका सुश्री विजया रावत पर है। वे इसे एक चुनौती के रूप में लेती हैं और बिना कोई शिकायत किए अपने लक्ष्‍य की ओर अग्रसर हैं। इसमें वे अपने विद्यार्थियों का ही सहयोग लेती हैं। एकल शिक्षक विद्यालयों के लिए यह एक उदाहरण है। अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन जिला संस्‍थान, उत्तरकाशी के साथियों ने सर्व शिक्षा अभियान, उत्तरकाशी के सहयोग से

उत्‍तराखण्ड की वादियों से प्रकाशित हो रही पत्रिका 'शैक्षिक दख़ल' का अंक 3 प्रकाशित हो गया है। 52 पृष्‍ठों में फैली इस अंक की सामग्री में हमेशा की तरह विविधता है। इस अंक में ‘प्रारम्भिक शिक्षा में वैज्ञानिक चिंतन’ पर कमल महेन्‍द्रू का व्‍याख्‍यान;  शिक्षक को सक्षम बनाने पर प्रेमपाल शर्मा से बिपिन कुमार शर्मा की बातचीत;  स्‍कूल की संस्‍कृति पर राजाराम भादू का लेख;  अध्‍यापक और बचपन के प्रसंगों पर प्रकाश मनु का संस्‍मरण; शिक्षक के रूप में मनोहर चमोली ‘मनु’ की डायरी; कक्षा-शिक्षण में ब्रेख्तियन शैली के प्रयोग पर मनोज पाण्‍डेय के अनुभवों के अलावा विविध सामग्री है। 

' जमीनी स्‍तर पर किए गए व्‍यक्तिगत प्रयास पर्याप्‍त नहीं हैं, पर वे फिर भी नितांत आवश्‍यक हैं-आगे बढ़ने के लिए, अपने नियंत्रण की चीजों को बदलने और आशा की किरण को जलाए रखने के लिए। और इस देश में ऐसे आशावान लोगों की कोई कमी नहीं। ' यह अनुभव है अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन के सीईओ तथा अज़ीम प्रेमजी विश्‍वविद्यालय के वॉइस चांसलर अनुराग बेहार का।

हिन्दी

अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन उत्‍तराखंड 'प्रवाह' नाम से एक अनियतकालीन मुखपत्र 'प्रवाह' का प्रकाशन करता है।  इसमें राज्‍य में चल रही फाउण्‍डेशन की विभिन्‍न गतिविधियों की रपट के अलावा कुछ शैक्षिक विमर्श की सामग्री भी होती है। यह अंक अगस्‍त से दिसम्‍बर,2012 तक का है ।

इसमें

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