Views and Reflections

 

अच्छे शिक्षक और ज्ञानार्जन  : कृष्ण हरेश

 

आचार्य से सेवा प्रदाता की भूमिका  : एक अन्तहीन यात्रा

राजेश कुमार

राजेश कुमार

शिक्षा नीति प्रारूप पर एक नजर : भगवाकरण, असमानता और निजीकरण पर क्या कहता है परामर्श दस्‍तावेज?

अमन मदान

यह लेख नई शिक्षा नीति के प्रारूप पर एक टिप्‍पणी के रूप में पढ़ा जाना चाहिए।

******

एक दिन स्टाफ रूम में बैठे हुए प्रथम विश्वयुद्ध के कारणों का विश्लेषण करने में तल्लीन था कि सहसा मेरे सामने वाले मेज पर कुछ गिरने की आवाज़ ने मुझे विचलित कर दिया। मैंने नज़र उठा के देखा तो मैडम ने अपनी किताब जोर से पटक दी थी। उनका चेहरा उतरा हुआ था। हाँ, गुस्सा जरूर था उनके अन्दर लेकिन उससे कहीं ज्यादा उनकी परेशानी उनके चेहरे से झलक रही थी। मैं उनके इस व्याकुल चेहरे को पढ़ने की कोशिश कर ही रहा था कि उन्होंने बड़े व्यथित मन से मुझसे एक प्रश्न पूछा, ‘ सर ! बच्चे मुझसे डरते क्यों नहीं हैं ?’ 

लॉकडाउन में अरविन्‍द गुप्‍ता के साथ एक वेबिनार 'शैक्षिक संवाद' के रूप में आयोजित किया गया। इस पर एक छोटी सी फिल्‍म बनाई गई है।

शैक्षिक दख़ल का जनवरी 2020 का अंक शिक्षा में सामूहिकता पर केन्द्रित है ।

शैक्षिक दख़ल : जनवरी 2020 अंक में

सीखने और मूल्‍य निमार्ण में समूह कार्य * महेश पुनेठा

सीखना एकाकी अथवा सामूहिक प्रक्रिया * फेसबुक परिचर्चा

समूह कार्य एक साझा प्रक्रिया है * अनुपमा तिवाड़ी

पीयर लर्निंग : एक विमर्श * डॉ. केवलानंद कांडपाल

गाँधी जी पर एक महत्‍वपूर्ण फिल्‍म ।

पृष्ठ

18462 registered users
7224 resources