पर्यावरण अध्‍ययन

रूसी कथाकार एवं चित्रकार वी सुतऐव ने बच्‍चों के लिए कुछ सुन्‍दर चित्र कथाएँ बनाई हैं। उनमें से ही एक है बिल्‍ली के तीन बच्‍चे। इसका हिन्‍दी अनुवाद कई बरस पहले एकलव्‍य ने प्रकाशित किया था। अब इसका एक वीडियो भी जारी हुआ है।

प्राथमिक कक्षाओं के बच्‍चों के लिए यह एक उपयोगी पुस्‍तक है।

घर में अगर पशु हों, खासकर दूध देने वाले पशु, तो बच्‍चों में उनकी गतिविधियों के प्रति गहरी जिज्ञासा रहती है। वे उनके बारे में ज्‍यादा से ज्‍यादा जानना चाहते हैं।

जब घर में गाय कोई बच्‍चा देने वाली होती है, तो किस तरह की हलचल होती है, इसे एक बच्‍चे ने आँखों देखे हाल की तरह अपनी भाषा में लिखा था। यह एकलव्‍य की बाल विज्ञान पत्रिका 'चकमक' में प्रकाशित हुआ था। एकलव्‍य ने इसे एक सु्न्‍दर चित्रित किताब केे रूप में प्रकाशित किया है। साथ ही इस पर एक वीडियो भी जारी किया है। 

मैं जयपुर के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, नृसिंहपुरा महल में पिछले कुछ दिनों से जा रही थी। वहाँ बच्चों के साथ विज्ञान में कुछ काम करने का प्रयास कर रही थी। विज्ञान विषय का अध्ययन करते समय हम बच्चों में कुछ क्षमताओं के बारे में बात करते हैं- जैसे अवलोकन, दर्ज करना, वर्गीकरण, व्याख्या करना, प्रयोग करना, निष्कर्ष निकालना आदि। इसी को आधार बनाते हुए मैंने बच्चों के साथ एक खेल खेलने का विचार किया। मैंने अपने थैले में नाना प्रकार की चीजों को एकत्रित कर लिया। इनमें पेंसिलें, पेन, रबर, कागज, एल्युमिनियम फोइल, कटोरी, चाबी, पत्ते, फ़ूल, लकड़ी

एक छोटी लड़की की कहानी, जिसकी मॉं किसी रेस्‍टोरेंट में वेटर का काम करती है और पैसे जमा करती है कि एक दिन एक आराम कुर्सी खरीदी जाएगी। आगे क्‍या होता है, यह जानने के लिए वेरा बी.विलिअम्‍स की यह किताब पढ़नी होगी।

यह कहानी है एक बच्‍चे और बकरी के बीच लगाव की। बकरी ने दूध देना कम कर दिया है, उसे बेचने का फैसला का किया गया है। बेचने की जिम्‍मेदारी घर के एक बच्‍चे को दी गई है। वह उसे लेकर बेचने जाता है, ल‍ेकिन फिर रास्‍ते में कुछ ऐसा घटता है कि वह उसे लेकर घर वापस आ जाता है। कहानी हर उम्र के बच्‍चों को अच्‍छी लगेगी।

स्‍कूल में जब कोई नया बच्‍चा आता है तो पुराने बच्‍चों के बीच एक तरह की उत्‍सुकता होती है, उसके बारे में जानने के लिए। कई बार पुराना बच्‍चा अपने आपको अन्‍यों के बीच में अजूबे की तरह पाता है। और संयोग से अगर उसके साथ कुछ और समस्‍या हो या वह शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो तो कहानी कुछ और ही होने लगती है। लेकिन ऐसे में किसी की जिम्‍मेदारी तो बनती है कि वह उसे इस स्थिति से बाहर निकाले। लेकिन कैसे ? इस कहानी में पढ़ें।

प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने और पढ़कर समझने की गतिविधि के लिए अपने परिवेश का सार्थक उपयोग कैसे किया जा सकता है, यह इस वीडियो में दिखाया गया है। शिक्षिका ने कार्डों का जिस तरह से उपयोग किया, आप भी ऐसा कुछ कर सकते हैं।

महमूद खान

महमूद खान

अज़ीम प्रेमजी विश्‍वविद्यालय, बेंगलुरु ने अँग्रेजी भाषा में एक छमाही विज्ञान पत्रिका का प्रकाशन शुरू किया है। इस पत्रिका में स्‍कूल में पढ़ाए जाने वाले विज्ञान की विभिन्‍न अवधारणाओं को एक नए नजरिए से देखने की कोशिश की जा रही है। इस पत्रिका का हिन्‍दी तथा कन्‍नड़ अनुवाद प्रकाशित करने की भी एक महत्‍वाकांक्षी योजना है। ताकि हिन्‍दी तथा कन्‍नड़ भाषी विज्ञान शिक्षकों तथा विज्ञान में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को इसमें प्रकाशित होने वाली सामग्री का लाभ मिल सके।

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