पर्यावरण अध्‍ययन

भागेन्द्र सिंह नेगी

भागेन्द्र सिंह नेगी

नवाचारी शिक्षक मुकेश मालवीय ने एक छोटी-सी फिल्‍म बनाई है। फिल्‍म में मिट्टी के बरतन बनने का फिल्‍मांकन है। लेकिन उसके साथ एक छोटी-सी कहानी या कहें कि अपील भी है, मार्मिक अपील। अपील एक बच्‍चा कर रहा है। वह कह रहा है, देखिए अगर मुझे पर्याप्‍त अवसर और प्रोत्‍साहन मिलें, तो मैं कक्षा में भी वह सब कुछ कर सकता हूँ, जिसकी आप अपेक्षा करते हैं।

 फ्रांसिस कुमार

प्राथमिक कक्षाओं में भाषा शिक्षण में छोटी और सरस कविताओं का बहुत महत्‍व होता है। आमतौर पर शिक्षक जो कविताएँ पाठ्यपुस्‍तक में हैं, उन पर ही निर्भर रहते हैं। जरूरी है कि बच्‍चों को कुछ अन्‍य कविताओं से भी परिचित करवाया जाए।

ऐसी ही कविताओं के कुछ संकलन एकलव्‍य ने प्रकाशित किए हैं। ऐसा ही एक संग्रह है 'नई सवारी'। इसमें 14 कविताएँ हैं। ये कविताऍं चर्चित बालविज्ञान पत्रिका 'चकमक' से संग्रहित की गई हैं। आप भी इन कविताओं का उपयोग करके देखें।

इस वीडियो का मुख्‍य उद्देश्‍य उच्‍च प्राथमिक कक्षाओं में विद्यार्थियों को पढ़ाए जा रहे विभिन्‍न विषयों में उनकी प्रगति की निगरानी करना और उस पर फीडबैक देना है। लेकिन उसके साथ-साथ यह उस विषय को अपने परिवेश से कैसे जोड़ा जाए, इस बारे में भी अच्‍छे से बताता है। 

मनोहर चमोली 'मनु'

अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन पौड़ी, उत्‍तराखण्‍ड के सभागार में 23 सितम्‍बर,2017 शनिवार की शाम ‘शिक्षण में कहानियों का सन्दर्भ’ पर चर्चा के नाम रही। प्रख्यात रंगकर्मी, संस्कृतिकर्मी, शिक्षा के अध्येता, बालमन के जानकार, छायाकार, फिल्म निर्माता और साहित्यकर्मी सुभाष रावत ने कहानियों के संदर्भ में बेहद कारगर और छुई-अनछुई बातों को रेखांकित किया।

पढ़ना-लिखना सीखने के महत्‍व को सफ़दर हाशमी ने अपने शब्‍दों में एक नए अर्थ में पिरोया है। यह ऑडियो उसी प्रसिद्ध गीत का है। सुनें और अपने विद्यार्थियों को भी सुनाएँ। गाएँ।

बहुत समय पहले एक घमंडी जनरल अपने घोड़े से गिरे। तब उन्‍होंने पहली बार,अपने आसपास की जमीन में उगे जंगली फूलों की सुन्‍दरता को देखा। उस दिन उन्‍होंने प्रण किया कि वो इस दुनिया को शांति और सुन्‍दरता से भरेंगे।

आज से पचास साल पहले जब शीत-युद्ध अपनी चरम सीमा पर था तब एक दम्‍पत्ति  (जेनेट चार्टरस  और माइकल फोरमेन) ने बच्‍चों के लिए एक नई तरह की किताब लिखी। इस किताब में युद्ध की गलतियों और पर्यावरण के नाश को उजागर किया गया था।

रूसी कथाकार एवं चित्रकार वी सुतऐव ने बच्‍चों के लिए कुछ सुन्‍दर चित्र कथाएँ बनाई हैं। उनमें से ही एक है बिल्‍ली के तीन बच्‍चे। इसका हिन्‍दी अनुवाद कई बरस पहले एकलव्‍य ने प्रकाशित किया था। अब इसका एक वीडियो भी जारी हुआ है।

प्राथमिक कक्षाओं के बच्‍चों के लिए यह एक उपयोगी पुस्‍तक है।

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