किसी 'खास' की जानकारी भेजें। भंवरलाल कोली

राजकीय प्राथमिक विद्यालय सोडाल कुंआ, सिरोही-मण्डार राज्यमार्ग पर स्थित ग्राम पंचायत मुख्यालय डबाणी से 6 किमी दक्षिण में एवं तहसील मुख्यालय रेवदर से 16 किमी पूर्व में गाँव थल में बसा हुआ है। इस विद्यालय में कुओं पर आवास करने वाले तीस-चालीस घरों के बच्चे शिक्षा ग्रहण करने हेतु आते हैं। इस विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थी कोली जाति के है। इस ढाणी में यह एक मात्र विद्यालय है। विद्यालय में एक तृतीय श्रेणी अध्यापक (स्वंय) व एक विद्यार्थी मित्र 2008 से कार्यरत है। विद्यालय में दो कक्षाकक्ष, एक कार्यालय कक्ष, किचनशेड व छात्र-छात्राओं हेतु अलग अलग शौचालय, मूत्रालय बने हुए हैं।

विद्यालय के चारो ओर 500 फीट लम्बी चारदिवारी बनी हुई है व करीबन 325 फीट चारदिवारी अधूरी है, जिसको बनवाने हेतु निरन्तर प्रयास जारी है। विद्यालय में एक हैण्डपम्प है जिसका पानी छात्र पीने मध्‍यान्‍ह भोजन पकाने, बर्तन धोने में करते हैं। इस हैंडपम्‍प से ही विद्यार्थी वृक्षों पानी पिलाते हैं । कक्षा तीसरी से पाँचवी के विद्यार्थियों को पानी पिलाने हेतु पेड़ पौधे बँटे हुए हैं।

विद्यालय में वर्तमान में चालीस-पचास पेड़ पौधे विद्यालय की शोभा बढ़ा रहे हैं। विद्यालय में वर्तमान में विद्यालय में अन्य आवश्यक भौतिक सामग्री जैसे कुर्सी, टेबल, दरीपट्टी, अलमारी आदि उपलब्ध है।

विद्यालय की  प्रगति  के  लिए जो प्रयास मैंने किए

  • विद्यालय में बालगीत, कविता,  खेल, टी.एल.एम. सामग्री आदि का उपयोग करते हुए निरन्तर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना।
  • विद्यालय भवन के साथ विद्यालय परिसर की साफ-सफाई तथा वृक्षारोपण करवाना। विद्यालय भवन में रंगरोगन करवाया। परिसर में लगे कंटीले अँग्रेजी बबूलों को ग्रामीणों तथा एस.एम.सी. सदस्यों, अभिभावकों की मदद से उखड़वाया गया। विद्यालय में कूड़ा करकट आदि की सफाई बडे विद्यार्थियों से करवाई जाती है।
  • विद्यालय में बच्चों को साफ-सुथरे रूप से आने की लिए प्रेरित करना। प्रार्थना सभा में ऐसे बच्चों को प्रोत्साहित करना। जो बच्चे किसी कारण से साफ सुथरे नहीं आ पाए, उन्हें हैण्डपम्प पर ले जाकर हाथ-पैर धुलवाए जाते हैं। सप्ताह में दो बार शारीरिक स्वच्छता जैसे नाखून, बाल आदि की जाँच करना। अभिभावकों को अपने बच्चों को साफ-सफाई से भेजने के लिए एस.एम.सी. की बैठक तथा अन्‍य  अवसरों पर बताया जाता है।
  • विद्यालय अभिलेखों को अपडेट रखा जाता है।
  • मध्‍यान्‍ह भोजन को गुणवत्तायुक्त बनवाकर विद्यार्थियों को वितरित करवाना।
  • विद्यालय भवन को अतिक्रमण से मुक्त करवाना।
  • विद्यालय भूमि पर आसपास के लोगो ने पशुओं के बाड़े बना रखे थे ।  उनको सर्वप्रथम मैने अपने स्तर पर हटवाने हेतु मौखिक बातचीत की। अतिक्रमण करने वाले लोगों के मना करने पर एस.एम.सी. की बैठक में एस.एम.सी. के सदस्य द्वारा बाड़े हटाने के लिए कहा गया। फिर भी नहीं मानने पर पटवारी को बुलवाकर जनप्रतिनिधियों एस.एम.सी. सदस्यों की उपस्थिति में भूमि का नाप करवाकर विद्यालय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करवाया।

प्रयासों के दौरान आई बाधाएँ

  • इस ढाणी में कोली समाज के गरीब किसान व मजदूर अपने बच्‍चों को विद्यालय भेजते हैं । वे अभिभावक शारीरिक स्वच्छता व जीवन में शिक्षा पर ध्‍यान नहीं देते। बालिकाओं को विद्यालय ने भेजकर उनसे घरेलू कार्य ही कराते हैं ।
  • विद्यालय भूमि पर बाड़े बनाने वाले लोग मेरे द्वारा अतिक्रमण हटवाने की बात कहने पर नाराज भी हुए थे।
  • विद्यालय के चारों ओर चारदिवारी नही होने से वृक्षारोपण को भेड़-बकरी खा जाती थीं ।
  • किचन शेड नही होने से झोपड़ी में समय पर मध्‍यान्‍ह भोजन नहीं पक पाता था।

भंवरलाल कोली, अध्यापक

  • राजकीय प्राथमिक विद्यालय, सोडाला कुंआ (डबाणी) पं.स. रेवदर
  • शैक्षणिक योग्यता :  स्नातक (कला), बीएसटीसी
  • अक्‍टूबर 2007 से इसी विद्यालय में कार्यरत 

वर्ष 2009 में राजस्‍थान में अपने शैक्षिक काम के प्रति गम्भीर शिक्षकों को प्रोत्‍साहित करने के लिए बेहतर शैक्षणिक प्रयासों की पहचान’ शीर्षक से राजस्‍थान प्रारम्भिक शिक्षा परिषद तथा अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन द्वारा संयुक्‍त रूप से एक कार्यक्रम की शुरुआत की गई। 2009 तथा 2010 में इसके तहत सिरोही तथा टोंक जिलों के लगभग 50 शिक्षकों की पहचान की गई। इसके लिए एक सुगठित प्रक्रिया अपनाई गई थी। भंवरलाल कोली वर्ष 2009 में' विद्यालय प्रबन्‍धन एवं नेतृत्‍व' श्रेणी में चुने गए हैं। यह लेख पहचान प्रक्रिया में उनके द्वारा दिए गए विवरण का सम्‍पादित रूप है। लेख में आए विवरण उसी अवधि के हैं। टीचर्स ऑफ इण्डिया पोर्टल टीम ने भंवरलाल जी से उनके काम तथा शिक्षा से संबंधित मुद्दों पर बातचीत की। वीडियो  बातचीत का सम्‍पादित अंश हैं। हम भंवरलाल कोली,राजस्‍थान प्रारम्भिक शिक्षा परिषद तथा अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन, सिरोही के आभारी हैं।


 

 

टिप्पणियाँ

khem shanker का छायाचित्र

मेहनती शिक्षक द्वारा सफल प्रयास ............बधाई

editor_hi का छायाचित्र

शुक्रिया खेमशंकर... आपसे अपेक्षा है कि आप भी अपने क्षेत्र के ऐसे शिक्षक साथियों से परिचित कराएं।

roshanvikshipt का छायाचित्र

सुन्‍दर

KARTIK CHANDRA SAHU का छायाचित्र

it is giving pleasure reading the articles , bcz i was closely associated with this project

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