किसी 'खास' की जानकारी भेजें। गोविन्‍द राम मेघवाल : अकेला चना भी भाड़ फोड़ सकता है

राजकीय प्राथमिक विद्यालय, आबेला (झाड़ोली) ब्लॉक पिण्डवाडा में केवल दो शिक्षक, तीन कक्षा कक्ष, एक कार्यालय कक्ष, रसोईघर,हैण्डपम्प,शौचालय तथा 3.19 बिस्वा जमीन पर अधूरी चारदिवारी है। कुल नामांकित 68 बच्चों में से 67 बच्चे गरासिया समुदाय के हैं।                     

मैंने समस्याएँ जो पहचानी

  • छात्र नियमित विद्यालय नहीं आते थे। जो आते थे तो पढ़ाई में रुचि नहीं दिखाते थे।
  • गृहकार्य समय पर पूरा नहीं करते थे।
  • घरेलू कार्यो में अधिक व पढ़ाई पर कम ध्यान देते थे। अभिभावकों की भी स्कूल के प्रति नकारात्मक सोच थी। पढ़ाई की बजाय घरेलू कार्य करवाना उनकी प्राथमिकता होती थी। उन्हें लगता था कि उनके बच्चे पढ़ जाएँगे तो यह सब काम नहीं करेंगे और उनकी आय का स्रोत कम हो जाएगा।
  • हिन्दी भाषा कम समझते थे।

मैंने अँग्रेजी सिखाने पर खास ध्यान दिया, जो प्रयास किए

छात्र घर पर गरासिया भाषा बोलते हैं, सुनते हैं, जिससे उन्हें अँग्रेजी सिखाने हेतु पहले हिन्दी पर पकड़ बनाई, फिर अँग्रेजी सिखाई। विद्यार्थियों के अभिभावक भी पढ़े-लिखे नहीं हैं। इस कारण होमवर्क में भी काफी गलतियाँ आती थीं।

1-100 संख्या अँग्रेजी में सिखाई। चार्ट की सहायता से, विद्यार्थियों को अँग्रेजी में गिनवाकर। मैदान में ले जाकर विभिन्न वस्तुएँ गिनने के लिए कहा। कविताएँ सिखाईं। रेडियो कार्यक्रमों का उपयोग किया।  

अँग्रेजी को स्वाभाविक रूप से सिखाने हेतु सीधे अँग्रेजी में ही विद्यार्थियों वस्तुओं के नाम बताए। इससे अँग्रेजी भाषा को समझने में वृद्वि हुई व स्वाभाविकता दिखी। जैसे पढ़ाते समय उनकी किताब में हाथी, मोर, औरत के चित्र आए तो इनको क्रमशः अँग्रेजी में ही बताया। बच्चे इनके हिन्दी नाम जानते हैं, इसलिए उनके सामने किसी जानवर/वस्तु का फोटो दिखाकर उनसे सीधे अँग्रेजी में ही शब्द निकलवाता हूँ। इस प्रणाली का शब्द के स्तर व विद्यार्थियों के कक्षा स्तर व योग्यतानुसार उपयोग किया।

विद्यालय में दो ही अध्यापक हैं। इस कारण मध्यावकाश से पूर्व कक्षा एक,दो व तीन पढ़ानी पड़ती है। कक्षा एक व दो को साथ बैठाकर कक्षा तीन को अलग बैठाता हूँ। सर्वप्रथम कक्षा तीन में काम देकर कक्षा एक व दो में हिन्दी पढाता हूँ। फिर इनको काम देकर कक्षा तीन में हिन्दी व अँग्रेजी पढ़ाता हूँ। जब कक्षा तीन के छात्र काम पूरा कर लेते है तब अन्तिम 30 मिनट में तीनों कक्षाओं को एक साथ बैठाता हूँ और उसमें कक्षा तीन के छात्र स्पेलिंग बोलते हैं। ऐसा करवाने से कक्षा तीन की लगभग सारी स्पेलिंग कक्षा एक व दो के विद्यार्थियों को आती है।

कक्षा एक व दो में कुछ इस तरह अभ्‍यास करवाता हूँ। Cow की आवाज निकालो, Buffalo, Peacock की आवाज निकालो। ऐसी तरह लगभग सभी जानवरों, पक्षियों की आवाज बच्चे निकालते हैं। उनका मनोरंजन होता है व उनके नाम अँग्रेजी में जानने लग जाते हैं। ऐसी ही अन्य गतिविधियों से अँग्रेजी के विभिन्न शब्दों से परिचित कराता हूँ।

विद्यार्थियों को Action word skip, sleep, eat, read, write, 90, come, walk, clap, dance देकर निम्न प्रकार से Present Continuous Tense सिखाता हूँ। जैसे - विद्यार्थियों को Action Word, Sleep दे दिया। सब बच्चे सोने की Action करते हैं। सभी अपनी अपनी जगह सो जाते हैं। मैं बोलता हूँ कि Ram is sleeping. Seeta is sleeping इस प्रकार सभी बच्चे सामूहिक रुप से हिन्दी अनुवाद बोलते है। जैसे राम सो रहा है। फिर धीरे-धीरे उन्हें बडे़ वाक्य सहज रूप से सिखाता हूँ। जैसे Monkey is jumping on the tree । कक्षा एक व दो के विद्यार्थी ऐसे वाक्य समझ कर हिन्दी अर्थ बडी आसानी से बता देते हैं।

अधिक से अधिक उदाहरण देता हूँ। कक्षा चार व पाँच में पाठ पढ़ाने के पश्चात प्रत्येक पाठ के वाक्य कैसे बने हैं, यह समझाने हेतु बहुत से उदाहरण देता हूँ। जैसे This is a boat/bat/car उदाहरण सरल से जटिल देता हूँ। उदाहरण कक्षा स्थिति, परिवेश स्थिति के अनुसार देता हूँ ।

अँग्रेजी शिक्षण के दौरान अधिकाधिक अँग्रेजी बोलता हूँ। कोई भी भाषा सीखने के अन्तर्गत प्रथम व अनिवार्य महत्वपूर्ण बात यह है कि वह भाषा अधिक से अधिक सुनने का अवसर मिले। इस हेतु मैं अँग्रेजी शिक्षण के दौरान सामान्य अँग्रेजी बोलता हूँ। जहाँ विद्यार्थियों को समझने में कठिनाई होती है, वहाँ अभिनय द्वारा समझाता हूँ। जैसे I am writing a letter. यदि इस वाक्य में Writing को समझने में मुश्किल आ रही है तो Writing  को  Acting द्वारा समझाता हूँ। विद्यार्थियों को सामान्य निर्देश वार्तालाप अँग्रेजी में ही करता हूँ। हावभाव द्वारा स्टोरी बताता हूँ।

टी.एल.एम. का उपयोग का उपयोग भी करता हूँ। कक्षा 4 व 5 के पाठ्यक्रम की सामान्य क्रियाएँ (Go, Went, Gone) का चार्ट, Article का चार्ट, Singular-plural का चार्ट, 1-100 तक का चार्ट, अँग्रेजी वर्णमाला का चार्ट।

प्रत्येक शनिवार को स्पेलिंग अन्ताक्षरी करवाता हूँ। कक्षा 3, 4 व 5 के विद्यार्थियों को दो दलों में बाँटकर अँग्रेजी कविता से शुरू करवाता हूँ। जीतने वाले दल को प्रोत्साहित करता हूँ। दोनों ही दल के सदस्यों को नहीं मालूम होने पर शब्द बता देता हूँ। आपस में कविता द्वारा अन्ताक्षरी भी करवाता हूँ ।

सामान्य वार्तालाप अँग्रेजी में ही करता हूँ। पाठ के अन्त में आए हुए समस्त Exercise, Structure समझाकर नियमित Home Work देता हूँ, जाँच करता हूँ ।

Sentence कैसे बने हैं, यह सिखाने हेतु बहुत सारे उदाहरण देता हूँ। उदाहरण देकर बच्चों से ही नियम निकलवाता हूँ। फिर दूसरी प्रक्रिया में नियम पहले बताकर उदाहरण विद्यार्थियों से निकलवाता हूँ। कक्षा शिक्षण के दौरान विद्यार्थियों द्वारा सही जवाब मिलने पर Good, Very Good, Excellent, Well Done, Fine Remarks  देकर प्रोत्साहित करता हूँ।

प्रयासों से आए परिवर्तन व उपलब्धियाँ

  • विद्यार्थियों की अँग्रेजी में रुचि बढ़ी।
  • सामान्य वार्तालाप में अँग्रेजी बोलने लगे।
  • अँग्रेजी शब्द अन्ताक्षरी द्वारा स्पेलिंग भण्डार बढ़ा।
  • परिणाम में सुधार।
  • अँग्रेजी शब्द अन्ताक्षरी में हमारे विद्यालय की कक्षा पाँचवी की छात्रा आठवीं कक्षा के स्तर तक की प्रतियोगिता में जिले में प्रथम स्थान पर आई। अब वह बाडमेर में आयोजित प्रतियोगिता में भाग लेने भी गई।
  • 2007-08 में एल.जी.पी. में राजस्थान में तीसरा व सिरोही जिले में प्रथम स्थान। कक्षा 5 के तीन बैचों में अब तक 7 विद्यार्थियों का नवोदन में चयन।
  • एक छात्र का राज्य स्तरीय परीक्षा द्वारा उदयपुर आवासीय विद्यालय में चयन।
  • क्वालिटी एश्योरेन्स में बी-ग्रेड। सत्र 2008-09, 2009-10 में लगातार सर्वश्रेष्ठ एस.डी.एम.सी. अवार्ड।

गोविन्द कुमार मेघवाल

  • एम.ए. (अँग्रेजी), बी.एड.
  • राजकीय प्राथमिक विद्यालय, आबेला (झाडोली) ब्लॉक पिण्डवाडा
  • अप्रैल 2005 से शिक्षक
  • रुचियाँ - अध्ययन अध्यापन, अँग्रेजी भाषा सुधार हेतु विभिन्न पत्र-पत्रिकाएँ

वर्ष 2009 में राजस्‍थान में अपने शैक्षिक काम के प्रति गम्भीर शिक्षकों को प्रोत्‍साहित करने के लिए बेहतर शैक्षणिक प्रयासों की पहचान’ शीर्षक से राजस्‍थान प्रारम्भिक शिक्षा परिषद तथा अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन द्वारा संयुक्‍त रूप से एक कार्यक्रम की शुरुआत की गई। 2010 तथा 2011 में इसके तहत सिरोही तथा टोंक जिलों के लगभग 50 शिक्षकों की पहचान की गई। इसके लिए एक सुगठित प्रक्रिया अपनाई गई थी। गोविन्‍द राम मेघवाल वर्ष 2010-11 में ' शिक्षण अधिगम और कक्षा प्रबन्‍धन’ श्रेणी में चुने गए हैं। यह लेख पहचान प्रक्रिया में उनके द्वारा दिए गए विवरण का सम्‍पादित रूप है। लेख में आए विवरण उसी अवधि के हैं। टीचर्स ऑफ इण्डिया पोर्टल टीम ने गोविन्‍द राम मेघवाल  से उनके काम तथा शिक्षा से सम्‍बन्धित मुद्दों पर बातचीत की। वीडियो इसी बातचीत का सम्‍पादित अंश हैं। हम गोविन्‍द राम मेघवाल,राजस्‍थान प्रारम्भिक शिक्षा परिषद तथा अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन, सिरोही के आभारी हैं।


 

टिप्पणियाँ

khem shanker का छायाचित्र

गोविन्द राम जी द्वारा की जा रही मेहनत और परिणाम देखकर बहुत अच्छा लगा .
रेडियो कार्यक्रमों के कुशल उपयोग के लिए बधाईयाँ .
आपके कार्यो के पीछे की सोच और चिंतन के लिए धन्यवाद .

Imran Khan का छायाचित्र

बधाई हो गोविद राम जी को.......और इस पोर्टल को भी जिन्होंने उनकी मेहनत को हम सब तक पहुँचाया...

Dr. Mohan Lal Jat का छायाचित्र

आप के इस शैक्षिक नवाचार काम से शिक्षकों को प्रोत्‍साहित करने के लिए धन्यवाद तथा ‘बेहतर शैक्षणिक प्रयासों की पहचान’ दिलाने के लिए बहुत बहुत बधाईयाँ

niraj dubey का छायाचित्र

शिक्षक भाई स्वागत योग्य प्रयास के लिए बधाई के पात्र हैं.......

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