किसी 'खास' की जानकारी भेजें। उमेश चन्‍द्र चौहान : समर्पित विज्ञान शिक्षक

मध्‍यप्रदेश में विज्ञान शिक्षण को लेकर एक अनोखा प्रयोग हुआ जो शिक्षा जगत में होशंगाबाद विज्ञान शिक्षण कार्यक्रम के नाम से प्रसिद्ध है। इस कार्यक्रम में 3000 से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। ये सभी अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार विज्ञान के श्रेष्‍ठ शिक्षक साबित हुए हैं।

 

इनमें से ही एक शिक्षक हैं उमेशचन्‍द्र चौहान। होशंगाबाद जिले को बाँटकर बने हरदा जिले में एक छोटा कस्‍बा है टिमरनी। उमेश का जन्म 3 जून,1953 को इसी कस्‍बे में हुआ। 1971 में उन्‍होंने गणित और विज्ञान से हायर सेकण्डरी परीक्षा पास की। घर की परिस्थितियों के कारण आगे की पढ़ाई को रोकना पड़ा। अन्‍तत: वे 1977 में माध्‍यमिक शाला में सहायक शिक्षक के रूप में नियुक्‍त हुए। अगले ही साल उन्‍हें होविशिका में शामिल होने का मौका मिल गया।मध्‍यप्रदेश 

के माध्‍यमिक स्‍कूलों में विज्ञान शिक्षण को लेकर एक अनोखा प्रयोग हुआ जो शिक्षा जगत में होशंगाबाद विज्ञान शिक्षण कार्यक्रम (होविशिका) के नाम से जाना जाता है। 1972 से 2002 चले इस कार्यक्रम में एक अनुमान के अनुसार 3000 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। निसन्देह ये सभी शिक्षक अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार विज्ञान के श्रेष्‍ठ शिक्षक साबित हुए हैं।

1979-80 में उमेश को होविशिका की कार्यपुस्तिका बालवैज्ञानिक की कक्षा 7-8 की पाण्डुलिपियों को पढ़ने का मौका मिला। उन्‍होंने इसका पूरा फायदा उठाया और उसमें दिए प्रयोगों को पहले स्‍वयं करके देखा। बालवैज्ञानिक में जीवविज्ञान के प्रयोगों को विकसित करने के लिए अनुसंधान कार्य किए।

1983 में उन्‍हें शाला संगम केन्‍द्र टिमरनी का विज्ञान प्रभारी बनाया गया। होविशिका में संगम केन्‍द्र की महत्‍वपूर्ण भूमिका थी। केन्‍द्र से जुड़ी सभी माध्‍यमिक शालाओं में कक्षाओं में कराए जाने वाले प्रयोग,नवाचार,प्रायोगिक परीक्षा,मूल्‍यांकन,अनुवर्तन तथा विद्यार्थियों से प्राप्‍त प्रश्‍नों पर चर्चा हर माह केन्‍द्र की मासिक बैठक में कराई जाती थी। उमेश ने इस केन्‍द्र का कुशल संचालन किया। इनमें से लगभग 200 शिक्षक ऐसे हैं, जिन्‍होंने विज्ञान शिक्षण में नए-नए प्रयोग किए हैं। इन्होंने प्रदेश ही नहीं पूरे देश भर में न केवल अपनी वरन् होविशिका की ख्‍याति और उसमें निहित खूबियों को फैलाया है।

इस बीच स्‍वाध्‍यायी छात्र के रूप में उन्‍होंने अपनी पढ़ाई फिर शुरू की । पहले बीए फिर समाजशास्‍त्र में एमए और बीएड परीक्षा पास की।

आज उमेश विज्ञान विषय को पढ़ाने के लिए कम लागत के नए-नए मॉडल विकसित करने वाले शिक्षक के रूप में जाने जाते हैं। उनके द्वारा विकसित किए गए मॉडलों में जलपम्‍प, वाटरलेंस प्रोजेक्‍टर,टेलीस्‍कोप और पेरिस्‍कोप बहुत लोकप्रिय हुए हैं। अपने प्रयोगों का प्रदर्शन वे मध्‍यप्रदेश के लगभग 22 जिलों एवं 12 राज्‍यों में 100 से अधिक 

कार्यशालाओं एवं बालमेलों के माध्‍यम से कर चुके हैं। इन प्रयोगों के लिए उन्‍होंने अपने शिक्षक साथियों तथा विद्यार्थियों को प्रशिक्षित भी किया है। विज्ञान शिक्षक प्रशिक्षक के रूप में देश भर में उन्‍होंने 20 से अधिक कार्यशालाओं में स्रोतव्‍यक्ति की भूमिका निभाई है।

एनसीईआरटी ने उमेश के नवाचारी प्रयोगों पर शैक्षिक कार्यक्रमों की चार फिल्‍म बनाई हैं। ये फिल्‍में तरंग तथा यूजीसी के शैक्षिक कार्यक्रमों के अन्‍तर्गत दूरदर्शन पर प्रसारित की जा रही हैं।

राज्‍य‍ शिक्षा केन्‍द्र, मप्र ने ‘विकल्‍प से विज्ञान ’ शीर्षक के अन्‍तर्गत दो सीडी तैयार करवाई हैं, जिनमें प्रकाशीय उपकरण, इन्‍द्रधनुष के रंग, रोचक प्रयोग रसायन के,शीशी एक काम अनेक, दिशा बताए चुम्‍बक तथा वाह वायु दाब आदि प्रमुख हैं। उमेश के कुछ और प्रयोगों को  vikalp se vigyan शीर्षक से  यूट्यूब में देखा जा सकता है। 

उमेश नवाचारी शिक्षक के साथ-साथ एक अच्‍छे लेखक भी हैं। वे जानी-मानी शैक्षिक पत्रिकाओं जैसे संदर्भ,स्रोत,शिविरा तथा पलाश आदि में

अपने नवाचारों तथा शिक्षा के समसामयिक विषयों पर लिखते रहे हैं। बाल विज्ञान पत्रिका चकमक में भी उनके लेख प्रकाशित हुए हैं। प्राथमिक एवं माध्‍यमिक स्‍तर पर विज्ञान एवं पर्यावरण अध्‍ययन विषयों में राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र,मप्र के लिए पाठ्यपुस्‍तक लेखन,सम्‍पादन एवं चित्रांकन किया है। नवोदय विद्यालयों के लिए प्रयोगनिष्‍ठ पद्धित विकसित करने वाली कार्यशालाओं में उमेश का विशेष योगदान रहा है।उमेश की नवाचारी शिक्षण शैली एवं प्रयोगनिष्‍ठ पद्धित पर एक वृतचित्र का निमार्ण किया जा रहा है।

उमेश प्रदेश एवं देश की कई शिक्षा समितियों के सदस्‍य रह चुके हैं। जिला स्‍तर से लेकर राष्‍ट्र स्‍तर के कई पुरस्‍कारों से उन्‍हें सम्‍मानित किया गया है। इनमें सर्वश्रेष्‍ठ शिक्षक के लिए 1993 का राज्‍यपाल पुरस्‍कार एवं 2004 का राष्‍ट्रपति पुरस्‍कार शामिल है।

नाम : उमेशचन्‍द्र चौहान
जन्‍म : 3 जून,1953
टिमरनी,जिला हरदा,मप्र
शैक्षिक अनुभव : 34 वर्ष
शैक्षिक योग्यता : एमए(समाजशास्‍त्र),बीएड
मोबाइल नम्‍बर : 9926534301
वर्तमान में: व्‍याख्‍याता,शासकीय कन्‍या उच्‍चतर माध्‍यमिक शाला,टिमरनी जिला हरदा,मप्र

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