शिक्षा की बुनियाद अंक 11-12 अप्रैल, 2015 में : उत्‍पादक काम,भाषा और ज्ञान * अनिल सद्गोपाल । बचपन,काम और स्‍कूलिंग : एक चिंतन * डी. वसंता। बदलते समाज में शिक्षा * अमन मदान । शिक्षा : कितना सर्जन, कितना विसर्जन * अनुपम मिश्र । पोस्‍ट बेसिक के अनुभव * मॉर्जरी साइक्‍स । पहिए पर पुस्‍तकालय * यशपाल सिंह । मिथक,विज्ञान और समाज * विक्रम सोनी एवं रोमिला थापर । तर्क,इतिहास और मजबूत राष्‍ट्र * अनुराग बेहार । बरखा : क्रमिक पुस्‍तकमाला * मुकेश मालवीय । एक शिक्षक का खत * कालूराम शर्मा । भाषा की कक्षा में अभिव्‍यक्ति * प्रमोद दीक्षित ‘मलय’ । कविता * राजेश उत्‍साही
शिक्षा की बुनियाद अक्‍टूबर 2014 अंक में : भारत में नई शिक्षक शिक्षा नीति की जरूरत * अनुराग बेहार । अध्‍यापक शिक्षा के सरोकार * सुदर्शन अय्यंगर । अवलोकन : पढ़ना सीखने के * प्रमोद मैथिल । पोस्‍ट बेसिक के अनुभव * मार्जरी साइक्स । मिस आउनोन न् * स्निग्‍धा दास । रचनात्‍मकता : बच्‍चों का अधिकार * नरेन्‍द्र ‘नंद’ पुस्‍तकालय प्रशिक्षण ऐसा भी * उषा पानेरी । परीक्षा लो और बच्‍चों को बाहर करो * फैज़ कुरेसी । जरूरत है हुनरमन्‍द शिक्षक की * गुणसागर सत्‍यार्थी
शिक्षा की बुनियाद के इस अंक में : रेगिस्‍तान के एक स्‍कूल के बहाने : अनुराग बेहार ।। एक जीवंत शिक्षक की दास्‍तान : सुभाष रावत ।। सीखने की शुरुआत की लौकशैली : उमाशंकर पेरियोडी ।। सृजन समुदाय से सीखने की नायाब पहल : महेन्‍द्र कुमार मिश्र ।। नई तालीम भवन - शिक्षकों का प्रशिक्षण : मॉर्जरी सॉइक्‍स ।। रोमां रोलां के नाम पत्र से : लेव तोलस्‍तोय ।। मेरे पिताजी की दूकान : दयाल चन्‍द्र सोनी ।। प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ाना कोई मजाक तो नहीं : इंदर मोहन सिंह छाबड़ा ।। शिक्षक की स्‍वायत्‍तता : संजीव बिजल्‍वाण ।। कैसा हो शिक्षक ? : स्‍मृति कुलश्रेष्‍ठ ।। ऐलिफिन्‍सटन,मैकॉले और भारतीय शिक्षा – विमर्श : अरुण चतुर्वेदी ।। कस्‍तूरी कुंडल बसै : पं. गुणसागर शर्मा ‘सत्‍यार्थी’ ।।
शिक्षा की बुनियाद : अंक 8 अप्रैल, 2014 में स्‍कूलों की जवाबदेही : अनुराग बेहार । स्‍कूल को सक्षम बनाने के मायने : के.आर.शर्मा । शिक्षण इस तरह भी : विश्‍व विजया सिंह । आधे पर बातचीत : यशवेन्‍द्र सिंह रावत । उच्‍च शिक्षा के मेरे अनुभव : श्रुति शर्मा । सेवारत शिक्षक प्रशिक्षण : कमलेश जोशी । देखो मगर ध्‍यान से : भावना भट्ट । नई तालीम आधारित सामग्री निमार्ण : सिद्धार्थ कुमार जैन । गांधी शिक्षक के रूप में : अनु बंद्योपाध्‍याय । शिक्षा और श्रम के बीच झूलती लड़की : मीनाकुमारी मानपरी । प्राथमिक शिक्षा के पार : मॉर्जरी सॉइक्‍स । कितना पढ़ा है मैकॉले को : गिरीश शर्मा
शिक्षा की बुनियाद : जनवरी, 2014 के इस अंक में अच्‍छी शिक्षा : रमा कान्‍त अग्निहोत्री । अच्‍छी शिक्षा की कुछ शर्तें: ऋचा गोस्‍वामी । सार्थक शिक्षा के अर्थ : अरूण चतुर्वेदी । बेहतर शिक्षा पर बुनियादी पहल : डी.एस.पालीवाल । अच्‍छी शिक्षा के बहाने : शरद चन्‍द्र बेहार । गुणात्‍मक शिक्षा एक द्वन्‍द्व : हृदय कान्‍त दीवान । गुणवत्‍ता सुधार में शिक्षक की भूमिका : संजीव विजल्‍वाण । प्राथमिक स्‍कूलों में गुणात्‍मक शिक्षा के मायने : स्‍मृति कुलश्रेष्‍ठ । प्रायवेटोपिया के मिथक : अनुराग बेहार । अच्‍छी शिक्षा के मायने बदल गए हैं : सदाशिव श्रोत्रिय । 21 वीं सदी में भारत के सरोकार( पुस्‍तक समीक्षा) : रजनी द्धिवेदी । फील्‍ड विजिट : कुछ नोट्स : कमलेश जोशी । प्री-बेसिक शिक्षा : बच्‍चे के हाथ में कमान : मार्जरी सॉइक्‍स ।
‘शिक्षा की बुनियाद’ एक त्रैमासिक शैक्षिक पत्रिका है। यह विद्या भवन सोसायटी, उदयपुर तथा अज़ीम प्रेमजी विश्‍वविद्यालय, बंगलौर का संयुक्‍त प्रकाशन है। पत्रिका की सामग्री मुख्‍यत: गाँधी जी की बुनियादी तालीम के दर्शन को विमर्श का केन्‍द्र बनाती है। पत्रिका में शिक्षा के समसामयिक मुद्दों पर भी उपयोगी लेख होते हैं। पत्रिका के अक्‍टूबर 2013 के अंक का मुख्‍य आकर्षण हैं 'मैकाले' पर अमन मदान और 'बुनियादी तालीम' के अनुभवों पर दयालचंद्र सोनी के आलेख।
‘शिक्षा की बुनियाद’ एक त्रैमासिक शैक्षिक पत्रिका है। यह विद्या भवन सोसायटी, उदयपुर तथा अज़ीम प्रेमजी विश्‍वविद्यालय, बंगलौर का संयुक्‍त प्रकाशन है। पत्रिका की सामग्री मुख्‍यत: गाँधी जी की बुनियादी तालीम के दर्शन को विमर्श का केन्‍द्र बनाती है। पत्रिका में शिक्षा के समसामयिक मुद्दों पर भी उपयोगी लेख होते हैं। पत्रिका के जुलाई 2013 के अंक का मुख्‍य आकर्षण हैं इन्दिरा जयसिम्‍हा का 'बच्‍चे में प्रकृति की अवधारणा' तथा मॉर्जरी सॉइक्‍स का 'नई राह' आलेख।
‘शिक्षा की बुनियाद’ एक त्रैमासिक शैक्षिक पत्रिका है। यह विद्या भवन सोसायटी, उदयपुर तथा अज़ीम प्रेमजी विश्‍वविद्यालय, बंगलौर का संयुक्‍त प्रकाशन है। पत्रिका की सामग्री मुख्‍यत: गाँधी जी की बुनियादी तालीम के दर्शन को विमर्श का केन्‍द्र बनाती है। पत्रिका में शिक्षा के समसामयिक मुद्दों पर भी उपयोगी लेख होते हैं। इस अंक में सुनील का लेख 'इधर मैकाले उधर गाँधी' तथा अनिल सद्गोपाल का लेख 'मैकालेवाद बनाम फुले-गाँधी-अम्‍बेडकर' मुख्‍य आकर्षण है।
‘शिक्षा की बुनियाद’ एक त्रैमासिक शैक्षिक पत्रिका है। यह विद्या भवन सोसायटी, उदयपुर तथा अज़ीम प्रेमजी विश्‍वविद्यालय, बंगलौर का संयुक्‍त प्रकाशन है। पत्रिका की सामग्री मुख्‍यत: गाँधी जी की बुनियादी तालीम के दर्शन को विमर्श का केन्‍द्र बनाती है। पत्रिका में शिक्षा के समसामयिक मुद्दों पर भी उपयोगी लेख होते हैं। इस अंक में ज्‍योतिभाई देसाई का लेख 'दिल का रंग' तथा दयाल चन्‍द्र सोनी का लेख 'बुनियादी शिक्षा का सर्वोत्‍तम दर्शन' मुख्‍य आकर्षण है।
‘शिक्षा की बुनियाद’ एक त्रैमासिक शैक्षिक पत्रिका है। यह विद्या भवन सोसायटी, उदयपुर तथा अज़ीम प्रेमजी विश्‍वविद्यालय, बंगलौर का संयुक्‍त प्रकाशन है। पत्रिका की सामग्री मुख्‍यत: गाँधी जी की बुनियादी तालीम के दर्शन को विमर्श का केन्‍द्र बनाती है। पत्रिका में शिक्षा के समसामयिक मुद्दों पर भी उपयोगी लेख होते हैं। इस अंक में महेश नारायण दीक्षित का लेख 'टिकाऊ विकास में नई तालीम की भूमिका' तथा जॉन कूरियन का लेख 'बच्‍चों के शिक्षा अधिकार का मकड़जाल' मुख्‍य आकर्षण है।

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