लर्निंग कर्व : शाला में समर्थकारी वातावरण का निर्माण

Description: 
लर्निंग कर्व का यह अंक शाला में समर्थकारी वातावरण के निमार्ण पर केन्द्रित है। पूरा अंक तीन खण्‍डों में बँटा हुआ है।

इस अंक में निम्‍न लेख हैं -

खण्ड अ: परिप्रेक्ष्य

बाहर के बिना * जेन साही ।  स्कूल का वातावरण: क्या इससे फर्क पड़ता है? दो मित्रों में संवाद * शशिधर जगदीशन । तैयारी भावी नागरिकों की: जुड़ाव स्कूल के साथ समुदाय का * नज़रुल हक़ एवं सुजीत सिन्हा । चपाती बनाम शैक्षिक परिवर्तन की चुनौतियाँ* शशि नायर । समावेशी शिक्षा - आगे की राह * प्रमिला बालासुन्दरम। स्कूल में उत्पीड़न से सुरक्षा एवं स्वतन्त्रता * सौम्या भास्करन एवं शेखर शेषाद्रि। ‘पहुँच’ के बारे में एक अलग सोच * सुमन भट्टाचारजी ।  वातावरण निर्माण बनाम सिस्टम डिजाइन और जादुई सीख * सौमिल मजूमदार । कक्षा के बाहर सक्षम अधिगम * श्रीपर्णा तम्हाणे।

क्या यह बस मिट्टी का एक ढेला है? * ललिता मंजुनाथ ।

खण्ड ब: अनुभव और अर्न्तदृष्टि

सीखने के लिए वातावरण का निर्माण: सेक्मोल आल्टर्नेटिव इन्स्टिट्यूट * अविनाश कुमार ।

आत्मा की संस्कृतिरू अधिगम हेतु सक्षम आन्तरिक वातावरण का निर्माण । प्रेरणा शिवपुरी एवं श्रीनिवासन । एक नया दृष्टिकोण,  सीखने में संवृद्धि के लिए * ई.एस.रामामूर्ति ।  नली-कलीः सीखने के लिए योग्य बनानाः क्या और अधिक किया जा सकता है? * नमिता गुप्ता । स्कूलों में समर्थ वातावरण बनानाः उषा अस्वथ अय्यर के साथ बातचीत * निवेदिता बेदादुर । रवैये में परिवर्तन * अरुणा वी.प्रसाद

संस्कृति, जिसका महत्त्व है * करपगम एस.। अज़ीम प्रेमजी स्कूलों में अधिगम का माहौल * तपस्या साहा । प्रवासी श्रमिकों के बच्चों के स्कूलों में समर्थ वातावरण * एच. के. शुभा । दिन की शुरुआत *

सुरेन्द्र कुन्तलस्कूलों में लड़कियों के लिए सकारात्मक माहौल * निर्मला वी.जी.।

 

खण्ड स: विद्यार्थियों की आवाज

इन्वेंचरिंग सप्ताह * अनन्या रामगोपाल । पहले कदम * अंकिता कोडवूर । शिक्षक बना भी सकते हैं, और बिगाड़ भी * गुरुराज, के.एस.।  दुविधा में पड़ी छात्रा की कलम से * संविदा एस. वेंकटेश ।

अंक को विस्‍तार से देखने के लिए लर्निग कर्व : शाला में समर्थकारी वातावरण का निर्माण लिंक पर जाऍं

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