शिक्षा नीतियाँ

विद्यालय का वातावरण

By Rahul Tripathi | जनवरी 16, 2019

विद्यालय का वातावरण ऐसा हो कि, जैसे बच्चे छुट्टी के बाद घर की ओर दौड़ते हुए
जाते हैं, उसी तरह सुबह वो घर से दौड़ते हुए स्कूल भी आएं।

E learning

By amit kumar yada... | नवंबर 24, 2018

Mera manna h ki aaj ka yug computar ka yug h jiska hum gov sch me jyada se jyada samuchit upyog kare to shiksha me ek nai kranti aayegi. Mera manna h ki har school me ek computar ya laptop hona hi chahiye.

Private school teacher

By Rajendrajatav6@... | मार्च 17, 2018

Teacher ek nirmata hai Jo baccho ke bhavishya ko banata hai lekin use uska hun barabr milna chahiye ye mp govt ko tay karna hoga .

बदहाल बेसिक शिक्षा

By Naveen0465 | अगस्त 20, 2017

सच मायने में सरकारी बेसिक शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का कारण कुछ हद तक सरकारें है तो कुछ हद तक अभिभावकों की शिक्षा के प्रति जागरूकता का न होना भी है। अधिकतर ग्रामीण गरीब अभिभावक बच्चों को व्यर्थ के कामों के लिए बच्चों को विद्यालय जाने से रोकते रहते है जिससे बच्चे का क्रमिक विकास अवरुद्ध हो जाता है। इसी प्रकार सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलायी जाने के बावजूद शिक्षा का असल महत्व बच्चे को समझ नही आ पाता। सरकार कभी ये समीक्षा नही कर पाती कि क्यों शहरों के सरकारी विद्यालयों जैसे केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और सैनिक स्कूलों में पढ़ने के लिए बच्चों में होड़ लगी रहती है जबकि बेसिक शिक

शिक्षा का माध्यम मातृभाषा क्यों न हो ?

By अमरजीत सिंह | जुलाई 18, 2017

हमारे देश में विश्वविद्यालय स्तर पर शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी भाषा को बनाया हुआ है ! और अब यह प्रवृति प्राथमिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा में बढती जा रही है ! क्या इससे शिक्षा का स्तर ऊँचा होता है या और भी खराब होता है ?
शिक्षकों के अनुभव इस विषय पर क्या हैं ?

वाणिज्य विषय कला की श्रेणी मे या विज्ञान

By vt32375@gmail.com | जुलाई 18, 2017

शिक्षक साथियो

कामर्श विषय को स्नातक स्तर पर पूर्व माध्यमिक विद्यालय मे कक्षा 6 से8 तक के बच्चो को पढाने के लिए कला विषय का शिक्षक माना जायेगा या गणित विषय का शिक्षक माना जायेगा ।

स्कूल शक्षा विभाग विषय के मानक के आधार पर कला श्रेणी मे रखा गया है ।

जबकी वाणिज्य विषय गणित पर आधारित है इस संबंध मे अपना सुझाव निमय सहित हमे देने का कष्ट करे ।
विशवास तिवारी वाटस अप न.9826506691
ईमेलvt32375@gmail.com

क्या आर टी इ के कारन सरकारी स्कुल बंद हो जायेंगे

By satyanarayan | मई 2, 2017

आर टी के प्रावधान के अनुरूप प्रायवेट स्कुलो में २५ प्रतिशत सीट गरीब एवं वंचित समूह के लिए अरक्षित किये जाने के कारन सभी सरकारी स्कुल बंद होने वाले है इसके कारन सरकारी स्कूलों दाखिले लगातार कम हो रहे है म.प्र.में प्रतिवर्ष सेकड़ों स्कुल बंद हो रहे है . बिना उचित मापदंड पुरे किये प्रायवेट स्कुल खुल रहे है बच्चों के लिए न तो उनमे मुलभुत सुविधाए है. आवर न ही पर्याप्त बिठाने की जगह भेड़ बकरी की तरह बच्चों क ठूसा जा रहा है पढाई का स्तर भी ठीक नहीं है यदि इसी प्रकार चलता रहा तो एक दिन सभी सरकारी स्कुल बंद हो जायेंगे और शिक्षा पूरी तरह निजी क्षेत्र ने चली जाएगी इसके कई दुष्परिणाम भी सामने आयेंगे

दसवीं की बोर्ड परीक्षा

By editor_hi | नवंबर 16, 2016

पिछले कुछ वर्षों से एनसीएफ 2005 की अनुशंसाओं को ध्‍यान में रखते हुए सीबीएसई तथा राज्‍य शिक्षा बोर्डों की दसवीं की परीक्षाऍं स्‍थानीय स्‍तर पर ही हो रही थीं। लेकिन अब वर्तमान केन्‍द्रीय शिक्षा मंत्री ने यह घोषणा की है कि 2017-18 के सत्र से सीबीएसई पुन: दसवीं की बोर्ड परीक्षा आरम्‍भ करेगा। राज्‍यों को भी यह अधिकार होगा कि वे इस बारे में निर्णय ले सकें। इतना ही नहीं उन्‍होंने पॉंचवीं तथा आठवीं में भी बोर्ड परीक्षाऍं पुन: आरम्‍भ करने की इच्‍छा जाहिर की है।

इस बारे में आप क्‍या सोचते हैं ??

मानसिक स्वास्थ्य और सफलता

By tarunbangi | जून 10, 2016

हमारे लक्ष्य और उद्देश्य तो सर्वगुणसंपन्न बना दिए जाते हें लेकिन आवश्यक संसाधन पर्याप्त नहीं होते है, उनमें भी सबसे महत्त्वपूर्ण है मानविय, चाहे सहयोगी हो या सहयोग प्राप्तकर्ता , दोनों किसी न किसी कारण से मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं हैं

क्या बालक, प्रबंधन, प्रशासन, शिक्षक , अभिभावक आदि में से किसी की भी मानसिक अस्वस्थता हमारे शैक्षिक लक्ष्यों को प्रभावित करती है ?
क्यों?
कितना?
क्यों नहीं?
किस प्रकार?
उपाय?

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