कक्षा 9 -10

उत्तल लेंस द्वारा उसके सम्मुख रखी वस्तु और उनके प्रतिबिम्बों की सामान्यत: 6 स्थितियां होती है|इनमें
(1) वस्तु अनंत पर स्थित हो
(2) वस्तु अनंत और 2 F के बीच हो
(3) वस्तु 2 F पर हो
(4) वस्तु 2 F और F के बीच हो
(5) वस्तु F पर हो
(6) वस्तु F और P अर्थात ध्रुव के बीच हो
इन सभी 6 स्थितियों में उत्तल लेंस द्वारा 6 अलग-अलग प्रकार से प्रतिबिम्ब बनते है|इन्हें समझने में बच्चों को काफी मुश्किल आती है|

मुहम्मद तुग़लक चारित्रिक विरोधाभास में जीने वाला एक ऐसा बादशाह था जिसे इतिहासकारों ने उसकी सनकों के लिए खब़्ती करार दिया। जिसने अपनी सनक के कारण राजधानी बदली और ताँबे के सिक्के का मूल्य चाँदी के सिक्के के बराबर कर दिया। लेकिन अपने चारों ओर कट्टर मज़हबी दीवारों से घिरा तुग़लक कुछ और भी था। उसमे मज़हब से परे इंसान की तलाश थी। हिंदू और मुसलमान दोनों उसकी नजर में एक थे। तत्कालीन मानसिकता ने तुग़लक की इस मान्यता को अस्वीकार कर दिया और यही ‘अस्वीकार’ तुग़लक के सिर पर सनकों का भूत बनकर सवार हो गया था।

माध्यमिक से लेकर हायर सेकंडरी स्तर तक उत्तल दर्पण हम पढ़ते हैं जिनमें हम उनके उपयोग भी सीखते हैं। उत्तल दर्पण के उपयोग उनके प्रतिबिम्बों की प्रकृति से निर्धारित होते हैं।प्रस्तुत विडियो में उत्तल दर्पण( कॉन्वेक्स मिरर )के उपयोग को कांसेप्ट के साथ कम समय में बताने का प्रयास किया है। इसमें एनीमेशन और पिक्चर्स के द्वारा सरल भी बनाये जाने की कोशिश की गयी है।

शून्‍य एक सम संख्‍या है, या विषम संख्‍या ?
आईये साथ मिलकर जानने की कोशिश करें, इस वीडियो के माध्‍यम से

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आईये साथ मिलकर जानने की कोशिश करें, इस वीडियो के माध्‍यम से

गणित में सामान्‍य एवं विशेष कथन का अपना एक महत्‍व होता है। पर दोनों में अन्‍तर भी होता है। यह अन्‍तर क्‍या है, यह वीडियो इसी बात को रेखांकित करता है।

गणित और विज्ञान में डिजायन और पैटर्न शब्‍द का उपयोग होता है। लेकिन ये शब्‍द हैं क्‍या और इनका अर्थ क्‍या है, यह इस वीडियो में समझाने की कोशिश की गई है।

गणित जितना कठिन लगता हे, उतना ही मजेदार भी है। अब यह इस पर निर्भर करता है कि उसका शिक्षण कैसे किया जाए। गणित को मजेदार ढंग से पढ़ने और समझने का पर्याप्‍त मौका है।  अरविंद गुप्‍ता की यह किताब ऐसे कई उदाहरणों से सजी हुई है।

एक सादी प्‍लास्टिक स्‍ट्रा से मधुर आवाज निकालने वाला बाँसुरीनुमा खिलौना बनाया जा सकता है। कैसे, वह इस वीडियो में अरविन्‍द गुप्‍ता बता रहे हैं।

15 वीं शताब्दी के मध्य से लेकर 16 वीं शताब्दी के मध्य तक (लगभग 100 वर्षों में) परिस्थितियों के संयोजन ने यूरोपीयन व्यापारियों को नए मार्ग तलाशने के लिए प्रेरित किया। यह नया मार्ग स्थल मार्ग न होकर समुद्री रास्ता था। इसके प्रमुख कारण कुछ इस प्रकार से थे। पहला-14 वीं शताब्दी के अन्‍त में मंगोलों का विशाल साम्राज्य टूटना, जिस कारण पश्चिमी व्यापारियों को भूमि मार्गों के साथ सुरक्षित आचरण का आश्वासन नहीं दिया जा सकता था। दूसरा- तुर्क और वेनेशियनों ने भूमध्यसागरीय और पूर्व से प्राचीन समुद्री मार्गों तक वाणिज्यिक रूप से अपना नियन्त्रण कर ल

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