Class 1-2

आनन्‍द निकेतन स्कूल एक ऐसा स्कूल है जहाँ सभी को सोचने-विचारने और तर्क करने की आजादी है। यह आजादी क्लासरूम से लेकर प्लानिंग बोर्ड तक और किचन से लेकर झूले तक दिखाई और सुनाई पड़ती है। ऐसी ही एक गणितीय आजादी का जिक्र में अपने इस लेख में करने वाला हूँ। इस लेख का नाम दायाँ और बायाँ क्यों है वो आप इस लेख को पढ़ते हुए समझ पाएँगे।
कक्षा 4 की गणित की कक्षा में सभी बच्चे तीन अंकों के गुणा के सवाल को हल करने में लगे हैं। सभी बच्चे अपने सवालों को जैसा उन्होंने हल किया वैसा ही ब्लैक बोर्ड पर समझाते हैं।

चूँकि कोरोनो वायरस बीमारी 2019 (COVID-19) के बारे में चर्चा हो रही है। बच्‍चे भी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि वे स्‍वयं, उनका परिवार, उनके दोस्‍त इससे बीमार न हो जाएँ। माता-पिता, परिवार के सदस्य, स्कूल के कर्मचारी और अन्य भरोसेमंद वयस्क बच्चों की मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। क्‍योंकि बच्‍चे ऐसा समझते हैं कि उक्‍त सब लोग ईमानदार, सही बात करने वाले हैं और वे उनकी चिंता या भय को कम करते हैं। CDC

त्रिपुरारी शर्मा वरिष्‍ठ रंगकर्मी हैं। वे नेशनल स्‍कूल ऑफ ड्रामा में प्राध्‍यापक हैं। उन्‍होंने बच्‍चों के लिए कई नाटकों का निर्देशन किया है। वे बच्‍चों के लिए कहानियाँ भी लिखती हैं। उनकी एक कहानी को रूमटूरीड ने चित्रकथा के रूप में प्रकाशित किया है। यह कहानी है भभो भैंस। इसकी पीडीएफ यहॉं से डाउनलोड की जा सकती है।

मनोहर चमोली  'मनु' शिक्षक हैं। उत्‍तराखण्‍ड के पहाड़ों में रहते हैं। वे बच्‍चों के लिए कहानियाँ भी लिखते हैं। छोटे बच्‍चों के लिए लिखी गई उनकी एक कहानी 'चलता पहाड़' को रूम टू रीड ने चित्रकथा के रूप में प्रकाशित किया है। उसकी पीडीएफ यहाँ से ली जा सकती है।

मुकेश मालवीय शिक्षक हैं। वे बच्‍चों के लिए कहानियाँ भी लिखते हैं। छोटे बच्‍चों के लिए लिखी गई उनकी एक कहानी को रूम टू रीड ने चित्रकथा के रूप में प्रकाशित किया है। उसकी पीडीएफ यहाँ से ली जा सकती है।

गणित को केवल रोचक तरीके से पढ़ाना ही पर्याप्‍त नहीं है। किसी भी अवधारणा को बच्‍चों के सामने किस तरह रखा जा रहा है, वह भी महत्‍वपूर्ण है। हरीश जे थानवी अपनी कक्षा में बच्‍चों के साथ भिन्‍न की अवधारणा पर काम कर रहे हैं।

संज्ञा उपाध्‍याय की तीन बाल कविताएँ इस वीडियो में हैं। ये प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हैं। इनमें से एक कविता कुछ इस तरह है :

मकड़ी जाला बुनती है
नहीं किसी की सुनती है

पूरे घर को देखभाल कर
कोने-अँतरे चुनती है

दम साधे जाले में बैठी
गुर शिकार के गुनती है

क्या आपको गरमी के दिनों में टोपी पहनना अच्छा लगता है? इस प्यारी-सी कहानी में सुनें कि टोपी पहनना और किसको पसंद है।

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