शैक्षिक प्रवाह : रजत जयन्‍ती अंक

‘शैक्षिक प्रवाह’ अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन द्वारा प्रकाशित होने वाली पत्रिका है जिसका प्रकाशन शिक्षक साथियों और शिक्षा के सरोकारों से जुड़े लोगों को, उनके विचारों और कार्यों को एक सूत्र में बाँधने के उद्देश्य से किया जाता है।  पत्रिका  निशुल्क वितरण हेतु प्रकाशित होती है।  आप सभी के साथ इस पत्रिका के रजत जयन्‍ती अंक को साझा करते हुए हमें बेहद हर्ष है। इस पत्रिका ने नन्हे-नन्हे क़दमों से चलते हुए कई मोड़ों से मुड़ते हुए आज 25 वें पायदान पर कदम रखा है। इस पत्रिका की विशेषता है इसका पूरी तरह से फील्ड के अनुभवों को संजोना। शिक्षक साथियों के अनुभव, चुनौतियाँ, किस्से, प्रक्रियाएँ इसमें शामिल होते हैं। एक और बात इसे विशेष बनाती है वह यह कि बहुत सारे लोग पहली बार इस पत्रिका में प्रकाशित हुए। उनके गहरे संकोच और झिझक को प्रवाह ने आगे बढ़कर गले लगाया।

इस अंक में फाउण्‍डेशन के तमाम साथियों के साथ आप पढ़ेंगे लाल बहादुर वर्मा, पुरुषोत्तम अग्रवाल, सुमन केशरी, राकेश जुगरान, सिद्धेश्‍वर सिंह, बीजू नेगी, ममता सिंह, दिनेश कर्नाटक, महेश पुनेठा, रेखा चमोली, ताहिरा खान और अपूर्वानन्द जी के आलेख। इस अंक में प्रकाशित सभी लेख बहुत आत्मीय ढंग से लिखे गए हैं और यही अंक की विशेषता है।
 
अंक को कलात्मक रूप से समृद्ध करते हुए प्रियंवद ने न सिर्फ खूबसूरत कवर डिज़ाइन किए हैं बल्कि उनकी कलात्मकता और सहयोग हर पेज पर दिखेगा।
विनोद उप्रेती के रेखांकन इस अंक को विशेष बनाते हैं और पुरुषोत्तम ठाकुर की तस्वीरें भी।

 

डाउनलोड करें: 25_prvaah.pdf
18904 registered users
7422 resources