पाठशाला - भीतर और बाहर : फरवरी 2020, अंक 4

 

पाठशाला भीतर और बाहर 

फरवरी 2020 अंक 4 में

 

सम्‍पादकीय

परिप्रेक्ष्‍य

देशज शिक्षा : बदलती छवियाँ * सी.एन. सुब्रह्मण्‍यम

शिक्षा और आदर्शबच्‍चा : क्‍या बचपनका सिर्फ एक ही मतलब हो सकता है ? * रेवा यूनुस

पढ़ाईके बहाने स्‍त्री-शिक्षा की पड़ताल * निशा नाग

विमर्श

मैकॉले बनाम भारतीय ज्ञान-प्रणालियाँ और शिक्षा-व्‍यवस्‍था * अभय कुमार दुबे

बच्‍चों पर शारीरिक दण्‍ड की समाजशास्‍त्रीय पड़ताल * कंचन शर्मा

शिक्षणशास्‍त्र

अलग-अलग मिजाज की किताबें उर्फ विधाओं की विद्या * प्रभात

नोबेल पुरस्‍कार के बहाने एक इकबालिया बयान * सुशील जोशी

कक्षा अनुभव

लिखना : प्राथमिक कक्षाओं में बच्‍चों के साथ कुछ अनुभव * पारुल बत्रा दुग्‍गल

समझ की खिड़की खोलता है साहित्‍य * अजा शर्मा

प्राथमिक कक्षाओं में कविताओं का कौतूहल * सुनीता शर्मा

साक्षात्‍कार

शिक्षा के द्वारा सामाजिक बदलाव लाने मे महत्‍वपूर्ण कड़ी बन सकता है, मेंटर शिक्षक * नरेन्‍द्र सिंह मेंटर टीचर से रंजना सिंह की बातचीत

पुस्‍तक/फिल्‍म चर्चा

शिक्षा में बराबरी से बेहतरी * दीपेन्‍द्र बघेल

अमन मदान की पुस्‍तक : शिक्षा और आधुनिकता : कुछ समाजशास्‍त्रीय नजरिए

फिल्‍म सुपर 30के अनकहे मायने * पंखुड़ी अरोड़ा

शोध अध्‍ययन

शिक्षकों में समूह अधिगम और सहभागिता को समर्थ बनाना/ अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन रिसर्च टीम

संवाद

परीक्षा और शिक्षा : एक विचार अनेक पहलू

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