विद्यालय केवल अध्ययन केंद्र नही है

By Madhav Patel | नवंबर 18, 2020

विद्यालय का जिक्र आते ही अधिकांश लोगों के मन मे एक बात आती है कि ये केवल अध्ययन केंद्र है जहाँ केवल पुस्तको को पढ़ाया जाता है,लेकिन वर्तमान में कोरोनाकाल में जब लंबे समय से विद्यालय बंद है और बच्चे घरों में ही सीमित है ऐसे में उनके व्यवहार में आये बदलाव,उनका चिड़चिड़ापन, उनका झगडालूपन,किसी की बात न मानना इस बात को प्रमाणित करता है कि विद्यालय अब केवल अध्ययन केंद्र नही अपितु विद्यार्थी के सम्पूर्ण व्यक्तित्व निर्माण के आधार है अधिकतर अभिभावक भी मानने लगे है कि बच्चों के नैसर्गिक विकास में विद्यालयों की भूमिका अहम है।इंटरनेट, कंप्यूटर और टेलीविजन का आविष्कार सभी की आसन्न जीवनशैली में योगदान दे रहा है परंतु यह बच्चों में मधुमेह और दिल की समस्याओं जैसी विभिन्न बीमारियों पैदा कर रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, शारीरिक अभ्यास की कमी के कारण इस युग के बच्चों के लिए मोटापा एक बड़ी चुनौती बन रही है। इनका मुकाबला करने के लिए, विद्यालय की सहशैक्षिक गतिविधियां जैसे खेल आदि की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मैदान में खेल के दौरान एक बच्चे की समस्या सुलझाने और निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। दबाव को झेलने की क्षमता एक और कौशल है, जो छात्रों को खेल शिक्षा प्रदान करता है। न केवल व्यक्तिगत जीवन में, बल्कि ये कौशल छात्र के समग्र व्यक्तित्व को विकसित करने में भी मदद करते हैं।विद्यार्थियों के पूर्ण विकास के लिये खेलकूद का अपना महत्व है।खेलते-कूदते तथा प्रसन्नचित रहने वाले विद्यार्थियों का शरीरिक एवं मानसिक विकास बडी़ तेजी से होता है और उनको कई प्रकार के तनाव व दवाव से मुक्त रखता है।शारीरिक स्वास्थ्य के संबंध में महान दार्शनिक अरस्तू का कथन है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निर्माण होता है। मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य विद्यालय में आयोजित होने वाले खेलों के माध्यम से सम्भव है क्योंकि खेलों के माध्यम से विद्यार्थी के आन्तरिक द्वन्द्वों व संवेगों को अभिव्यक्त करते है।विद्यालय में होने वाली शारीरिक गतिविधि विद्यार्थियों के सामान्य विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। शारीरिक गतिविधि का व्यापक अर्थ है संज्ञानात्मक,मनोवैज्ञानिक, भौतिक क्षमता और भावनात्मक परिपक्वता और यही कारण है कि सरकारें भी विद्यालयो में खेल को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक कदम उठा रही है जिनके सुखद परिणाम भविष्य में निश्चित रूप से मिलेंगी।
माधव पटेल

19227 registered users
7452 resources