खेल खेल में गणित

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बुनियादी जानकारी

जमीलउद्दीन शेख

बच्‍चों में गणित का भय दूर करने एवं रुचि पैदा करने के लिए खेलों का सहारा लिया जा सकता है। प्राथमिक स्‍तर के बच्‍चों के साथ कुछ इस तरह के रोचक खेल खेले जा सकते हैं। 

खेल-1: गिनती व पहाड़े

कक्षा के सारे बच्‍चों को एक गोले में बिठाकर किसी भी बच्‍चे से गिनती शुरू करवाकर क्रमवार आगे बोलना है। जो बच्‍चा गलत बोलता है वह इस खेल से बाहर हो जाएगा। अगला बच्‍चा फिर 1 से शुरू करेगा। यह क्रम चलता रहेगा। जो बच्‍चा ध्‍यान पूर्वक गिनती बोलेगा और आउट नहीं होगा, वह विजेता होगा। यही खेल पहाड़े बोलकर भी खेल जा सकता है। इस खेल में एकाग्रता का बहुत महत्‍व है। सब बच्‍चों को ध्‍यानपूर्वक सुनना है कि उसका पड़ोसी क्‍या बोल रहा है।   

खेल-2: जोड़ व बाकी

बच्‍चों को सर्किल में बिठाकर कोई एक संख्या बोलेंगे और यह बताएँगे कि उसमें कितने जोड़ने हैं ? मिसाल के तौर पर हमने संख्या 4 बोली और उसमें 3 जोड़ते हुए आगे बढ़ना है जो बच्‍चा गलत बोलेगा वह बाहर हो जाएगा। इसी तरह घटाने का खेल भी खेल सकते हैं। मान लो संख्या 57 बोली उसमें से 2 घटाते हुए बोलना है। जो सही बोलेगा खेल में बना रहेगा जो गलत बोलेगा वह खेल से बाहर हो जाएगा।

खेल-3: विभाजित होने वाली संख्‍या पर आगे बढ़ो 

विभाजित होने वाली संख्या पर आगे बढ़ो या गुड या क्या फर्क पड़ता है आदि शब्द बोलना है। उदाहरण के लिए 4 से विभाजित संख्या नहीं बोलनी है। बच्‍चे 1,2,3 बोलेंगे 4 आने पर आगे बढ़ो बोला जाएगा। अगला बच्‍चा 5 बोलेगा। इस खेल में बहुत ही आनन्द आता है। ध्यान आकर्षण के साथ सहज भाव से बालक किसी भी संख्या से विभाजित होने वाली संख्या को सीख जाता है।

खेल-4: ज्‍यामिति आकृतियाँ

ज्यामिति आकृतियों को पहचानने का भी एक खेल बच्‍चों को खिलाता हूँ । पहले कक्षा में बच्‍चों को कोण, त्रिभुज, आयत, वर्ग, वृत बेलन बताकर समझाकर फिर इस पर आधारित खेल खिलाता हूँ। एक गोला बनाकर उसमें कोण, त्रिभुज, आयत, वर्ग, वृत, गोला आदि बनाकर बच्‍चों को गोले में चारों ओर दौड़ने के लिए कहा जाता है। फिर बोला जाता है कि आयत , त्रिभुज में 2, 3 या 4 छात्र खड़े होंगे। जो बच्‍चे पहचानकर इन आकृतियों मे खडे़ हो जाते हैं वे खेल में बने रहते हैं, दूसरी आकृतियों मे खडे़ होने वाले खेल से बाहर हो जाते हैं। जहाँ यह खेल आनन्ददायी है वहीं पर ज्यामिति आकृतियों की पहचान कराने में बड़ा कारगर है।

खेल-5: खेल खेल में मूल्यांकन

अधिगम स्तर को जाँचने के लिए हम किसी भी विषय में इस खेल को आजमा सकते हैं। भय युक्त परीक्षा प्रणाली से हटकर खेल ही खेल में जो कुछ हमने सिखाया उसकी जाँच कर सकते हैं।

छोटे-छोटे प्रश्न बनाकर उनको पर्चियों में लिख दें। इनमें जितना हमने बच्‍चों को सिखाया है उससे सम्बन्धित ही प्रश्न हों। कक्षा-कक्ष में ही बच्चों को एक घेरा बनाकर बिठा दें। बारी बारी से एक बच्‍चा पर्ची खोलेगा। प्रश्न पढ़ेगा और उसका उत्तर देगा। यदि बच्‍चा प्रश्न का उत्तर देता है तो वह खेल में बना रहेगा गलत जवाब पर खेल से बाहर हो जाएगा। यह क्रम निरन्तर चलता रहेगा। जो बच्‍चा सबसे अन्त तक खेलेगा वह खेल का विजेता होगा। जिसे हम छोटा मोटा पुरस्कार देकर उत्साहित भी कर सकते हैं। इस खेल से जहाँ हमारे सिखाने की प्रक्रिया का आकलन होगा वहीं अधिगम स्तर को जाँचने का बेहतरीन माध्यम है। यह खेल हम किसी भी पाठ के पश्चात खेल सकते हैं।

इस प्रकार और भी कई खेल हो सकते हैं जिनके द्वारा हम बालकों से गणित विषय का डर निकालकर उनमें रुचि पैदा कर सकते हैं।


जमीलउद्दीन शेख , वर्तमान में राजकीय प्राथमिक विद्यालय, औंकारपुरा की ढानी , पंचायत समिति उनियारा, टोंक, राजस्‍थान में अध्‍यापक हैं।

अवधि : 
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